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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। बड़े शहरों में जमीन की कमी को देखते हुए लोग अब हाइड्रोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग जैसे आधुनिक तरीकों से बालकनी में सब्जियां उगा रहे हैं। इस स्मार्ट फार्मिंग में मिट्टी का पूरी तरह इस्तेमाल खत्म कर दिया गया है।हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में पौधों को कोकोपीट या वर्मीकुलाइट जैसे माध्यमों से मैकेनिकल सपोर्ट दिया जाता है। पौधों को सीधे पोषक तत्वों वाले घोल से पोषण मिलता है। इस विधि से पारंपरिक खेती की तुलना में 90 प्रतिशत कम पानी की खपत होती है। इससे बालकनी में साफ-सुथरा और कुशल स्पेस मैनेजमेंट संभव हो जाता है।

वर्टिकल फार्मिंग में पीवीसी पाइप्स या मल्टी-लेयर स्टैंड्स का उपयोग किया जाता है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे आवश्यक तत्वों को पानी में उचित अनुपात में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। ऑटोमेटेड सेंसर किट्स पीएच लेवल और न्यूट्रिएंट वैल्यू की निगरानी करते हैं।

इस तरीके से पालक, लेट्यूस, बेसिल, धनिया, चेरी टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं। इससे मिट्टी जनित बीमारियों और कीटों का खतरा कम रहता है, जिससे पेस्टिसाइड्स की जरूरत नहीं पड़ती।

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