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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली: घर की बालकनी, टेरेस या छोटे बगीचे में आम का पेड़ उगाया जा सकता है। इसके लिए बौनी किस्म का पौधा चुनना चाहिए, जो सीमित जगह में आसानी से बढ़ता है। नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा लेना बेहतर होता है, क्योंकि बीज से उगाने में ज्यादा समय लगता है।पौधे को लगाने के लिए बड़े और मजबूत गमले का इस्तेमाल करें, जिसमें नीचे जल निकासी के छेद हों। मिट्टी तैयार करने के लिए गोबर की खाद, कुछ रेत और सामान्य मिट्टी को मिलाएं, जिससे मिट्टी हल्की और पोषक तत्वों से भरपूर बने। गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 6 से 7 घंटे सीधी धूप मिलती हो।

पानी की मात्रा संतुलित रखें। मिट्टी सूखने पर ही पानी दें, ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। हर 15 से 20 दिन में जैविक खाद डालें। सूखी या क्षतिग्रस्त पत्तियों को नियमित रूप से हटाते रहें ताकि नई पत्तियां निकल सकें। अगर कीट लग जाएं तो नीम के पानी या घरेलू जैविक स्प्रे का इस्तेमाल करें।सही देखभाल करने पर ग्राफ्टेड पौधे में 2 से 3 वर्ष में फल लगने शुरू हो जाते हैं। धैर्य और उचित देखरेख से घर पर आम का पेड़ लगाना संभव है।

पौधे को लगाने के लिए सही गमले का चयन भी बेहद महत्वपूर्ण है। आम के पौधे के लिए हमेशा बड़ा और मजबूत गमला चुनना चाहिए, ताकि जड़ों को पर्याप्त जगह मिल सके। गमले के नीचे जल निकासी के लिए छेद होना जरूरी है, जिससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और जड़ों में सड़न न हो। जल निकासी की सही व्यवस्था पौधे के स्वस्थ विकास के लिए बहुत जरूरी मानी जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सही तरीके से देखभाल की जाए, तो ग्राफ्टेड आम के पौधे में 2 से 3 वर्षों के भीतर फल लगना शुरू हो सकता है। हालांकि, इसके लिए धैर्य और नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है। पौधे को सही समय पर पानी, खाद और धूप मिलती रहे, तो वह तेजी से बढ़ता है और अच्छी पैदावार देता है।

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