बांकीपुर। बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस सीट पर कुल 3,79,616 मतदाता 25 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मुख्य मुकाबला एनडीए से भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा, महागठबंधन से राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के बीच माना जा रहा है।
यहां यह बताते चलें कि, किदवईपुरी में भाजपा और जन सुराज के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि जन सुराज फर्जी मतदाता ला रहे हैं। जन सुराज ने भाजपा के इस आरोप को बेबुनियाद बताया। भाजपा बिहार के राज्य महासचिव नितिन अभिषेक ने रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मतदाताओं के वेरिफिकेशन यानी ईपीआईसी आईडी और नाम का मिलान सख्ती से लागू करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जन सुराज पार्टी से जुड़े प्रतिनिधि और कार्यकर्ता फर्जी वोट डालकर मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
पटना वीमेंस कॉलेज बूथ पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर और उनके बेटे राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर ने मतदान किया। जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और एनडीए के पक्ष में लहर है तथा नीरज कुमार सिन्हा की जीत पक्की है।
मतदान शुरू होते ही किदवईपुरी में विवाद
मतदान के दौरान पटना के किदवईपुरी क्षेत्र में भाजपा और जन सुराज के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि जन सुराज की ओर से फर्जी मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाया जा रहा है।
वहीं जन सुराज ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
फिलहाल दोनों दलों ने अपने-अपने दावे सार्वजनिक किए हैं। आरोपों की सत्यता का निर्धारण संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
भाजपा ने रिटर्निंग ऑफिसर को लिखा पत्र
घटना के बाद भाजपा बिहार के राज्य महासचिव नितिन अभिषेक ने संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को एक पत्र सौंपकर मतदान प्रक्रिया में सख्ती बरतने की मांग की।
पत्र में उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर प्रत्येक मतदाता की ईपीआईसी (EPIC) पहचान पत्र और मतदाता सूची में दर्ज नाम का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए। भाजपा का आरोप है कि यदि पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी सख्ती से लागू नहीं की गई तो मतदान की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
भाजपा ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि जन सुराज से जुड़े कुछ प्रतिनिधि और कार्यकर्ता कथित रूप से फर्जी मतदान कराने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर चुनाव अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आखिर में बताते चले कि, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का परिणाम केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। इस सीट के नतीजों को बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न दलों की संगठनात्मक क्षमता के संकेतक के रूप में भी देखा जाएगा। विशेष रूप से भाजपा, महागठबंधन और जन सुराज के प्रदर्शन पर राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता की नजर बनी रहेगी।फिलहाल मतदान की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है। अंतिम परिणाम मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे, जिसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने किस उम्मीदवार और किस राजनीतिक दल पर अपना भरोसा जताया है।
