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मध्य-पूर्व के बदलते हालातों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत बेल्जियम ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने का ऐलान किया है। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट ने मंगलवार को कहा कि यह घोषणा इसी महीने होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में औपचारिक रूप से की जाएगी। इसके साथ ही बेल्जियम ने इजराइल पर 12 बड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है, ताकि लंबे समय से अटके हुए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सके।

यह बयान उन्होंने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात में दिया। दरअसल भारत ने SCO की सदस्यता के लिए अजरबैजान की दावेदारी को खारिज कर दिया था। इसके पीछे उसकी पाकिस्तान से नजदीकी को वजह बताया जा रहा है। मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया था।

विदेश मंत्री प्रीवोट ने साफ किया कि इजराइल के खिलाफ लगाए जाने वाले प्रतिबंधों में कई कड़े प्रावधान शामिल होंगे। इनमें इजराइली बस्तियों से आने वाले उत्पादों के आयात पर रोक, इजराइली कंपनियों के साथ सार्वजनिक खरीद समझौतों की समीक्षा, और अन्य आर्थिक व कूटनीतिक प्रतिबंध शामिल हैं। बेल्जियम का कहना है कि जब तक फिलिस्तीन को स्वतंत्र मान्यता और न्याय नहीं मिलता, तब तक पश्चिम एशिया में शांति संभव नहीं है।

बता दें कि, गाजा में बढ़ते हमलों को लेकर मिस्र ने इजराइल की आलोचना की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि इजराइल की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा कि इजराइल ने मिस्र और कतर द्वारा सुझाए गए युद्धविराम प्रस्ताव पर भी कोई जवाब नहीं दिया, जिससे यह स्पष्ट है कि वह शांति प्रयासों को नकार रहा है।

वही, फिलिस्तीन मुद्दे पर बेल्जियम का यह कदम ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इससे वैश्विक राजनीति में फिलिस्तीन को मान्यता देने का दबाव और तेज होगा। दूसरी ओर, इजराइल पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध उसके लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। गाजा में बढ़ते संघर्ष और SCO में भारत-अजरबैजान विवाद ने अंतरराष्ट्रीय समीकरणों को और जटिल बना दिया है। आने वाले हफ्तों में UNGA सत्र पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी, जहां यह तय होगा कि फिलिस्तीन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस स्तर तक समर्थन हासिल होता है।

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