नई दिल्ली बिहार सरकार किसानों को धनिया, मेथी, सौंफ और अजवाइन जैसी मसाला फसलों की खेती के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत इन फसलों की बुवाई पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों की लागत कम हो सके और आय बढ़े। योजना छोटे और बड़े दोनों किसानों के लिए उपलब्ध है।सरकार का लक्ष्य मसाला उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। आमतौर पर ऐसी योजनाओं में प्रति हेक्टेयर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है, जिसमें बीज, खाद और सिंचाई का खर्च शामिल है।
आवेदन करने के लिए किसान राज्य के उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। यदि ऑनलाइन आवेदन में समस्या हो तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।आवेदन के लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज जैसे खतौनी या एलपीसी, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और चालू मोबाइल नंबर आवश्यक हैं। आवेदन सत्यापन के बाद कृषि विभाग के अधिकारी खेत का मुआयना करेंगे और सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
किन फसलों की खेती पर मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के तहत किसानों को चार प्रमुख मसाला फसलों की खेती के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इनमें शामिल हैं—
- धनिया
- मेथी
- सौंफ
- अजवाइन
ये सभी फसलें बाजार में अच्छी कीमत पर बिकती हैं और इनकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। यही कारण है कि सरकार किसानों को इनकी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
बिहार सरकार की यह पहल राज्य में मसाला उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से शुरू की गई है। यदि पात्र किसान समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाते हैं और वैज्ञानिक तरीके से खेती करते हैं, तो यह पहल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही राज्य में कृषि विविधीकरण और मसाला उत्पादन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
