नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद भारत के बेरोजगार युवाओं ने व्यंग्यात्मक तरीके से अपनी पार्टी बना ली है। इसकी नाम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) है, जो मात्र चार दिनों में सोशल मीडिया पर भारी लोकप्रियता हासिल कर चुकी है।15 मई 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में कुछ बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच बताते हुए टिप्पणी की थी। बाद में उन्होंने सफाई दी कि यह फर्जी डिग्री वाले वकीलों के संदर्भ में था, लेकिन युवाओं में गुस्सा फैल चुका था। 16 मई को अभिजीत दीपके ने X (पूर्व ट्विटर) पर इसे मजाक में पार्टी घोषित कर दिया।
यहां हम आपको जानकारी दे दें कि, मेनिफेस्टो और सदस्यता के मानदंडCJP का मेनिफेस्टो पांच पॉइंट्स पर आधारित है। इसमें शामिल हैं: कोई CJI रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट न पाए, वोट डिलीट होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाए, संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, अंबानी-अडानी के मीडिया हाउस की लाइसेंस रद्द करना और Godi मीडिया के अकाउंट जांचे जाएं तथा पार्टी बदलने वाले MLA/MP को 20 साल तक चुनाव लड़ने और पद संभालने से प्रतिबंधित करना।सदस्यता के लिए क्राइटेरिया भी अनोखा है। इसमें बेरोजगार (जबरन, चुनाव या सिद्धांत से), शारीरिक रूप से आलसी, रोज 11 घंटे ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालना शामिल है। सदस्यता धर्म, जाति या लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि फ्री और लाइफटाइम है।
बता दें कि, ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने वेबसाइट पर विजिट किया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह अभियान भविष्य में किसी औपचारिक राजनीतिक संगठन का रूप लेगा या केवल एक डिजिटल ट्रेंड बनकर रह जाएगा। लेकिन इतना तय है कि इसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा पैदा कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डिजिटल राजनीति और ऑनलाइन अभियानों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक अभिव्यक्ति का और भी बड़ा मंच बन सकता है। “कॉकरोच जनता पार्टी” का वायरल होना इसी बदलती डिजिटल संस्कृति का एक उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल यह अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लगातार नए मीम्स, पोस्ट और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह ट्रेंड कितना लंबा चलता है, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन इसने बेरोजगारी और युवाओं की भावनाओं को राष्ट्रीय चर्चा में जरूर ला दिया है।
