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समाचार मिर्ची

भारत के लिए खेल जगत में एक और ऐतिहासिक पल आ गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को कार्यकारी बोर्ड द्वारा सिफारिश की गई है। यह ऐतिहासिक निर्णय राष्ट्रमंडल खेलों के 100वीं एनिवर्सरी वर्ष में भारत के लिए गर्व का विषय बन गया है। आगामी 26 नवंबर को ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ खेलों की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

जानकारी दे दें किपिछले साल 2036 ओलिंपिक के लिए दावेदारी की थी CWG के अलावा, भारत 2036 के ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। पिछले साल नवंबर में भारत ने ओलिंपिक गेम्स-2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए दावेदारी पेश की थी।

2030 गेम्स में सभी खेल शामिल होंगे

इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने बताया कि ग्लासगो 2026 से हटाए गए सभी खेल 2030 में शामिल किए जाएंगे। इसमें शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन, हॉकी, आर्चरी, कबड्डी और खो-खो जैसे प्रमुख खेल शामिल होंगे। इससे भारत के खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में प्रदर्शन का व्यापक अवसर मिलेगा और घरेलू खेलों का वैश्विक स्तर पर प्रचार होगा।

बताते टले कि, अहमदाबाद में आयोजित होने वाले 2030 गेम्स का कॉम्पैक्ट सिटी मॉडल इसे अन्य मेगा स्पोर्ट्स इवेंट्स से अलग बनाता है। इस मॉडल का उद्देश्य खेल स्थलों, ट्रेनिंग सुविधाओं और खिलाड़ियों के आवास को एक-दूसरे के नजदीक रखना है। इससे लॉजिस्टिक की सुविधा बढ़ेगी और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होगा।

भारत के लिए संभावित लाभ

2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से भारत को कई तरह के लाभ मिलेंगे:

  1. खेल संरचना का विकास: नए स्टेडियम, ट्रेनिंग सेंटर और आवासीय सुविधाओं का निर्माण होगा।
  2. आर्थिक प्रभाव: स्थानीय अर्थव्यवस्था में निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  3. वैश्विक मान्यता: भारत का खेल आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थान मजबूत होगा।
  4. खिलाड़ियों का प्रदर्शन: घरेलू खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा।
  5. सांस्कृतिक प्रसार: खेलों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का प्रदर्शन होगा।

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स अहमदाबाद के लिए खेल, संस्कृति और वैश्विक पहचान का एक बड़ा मंच साबित होगा। पूरे देश में खेल प्रेमियों और नागरिकों में उत्साह का माहौल है।

बता दें कि, भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए 29 अगस्त 2025 को लंदन में बोली लगाई थी। उस समय गुजरात सरकार के खेल मंत्री हर्ष सांघवी ने प्रस्ताव पेश किया और अहमदाबाद को कॉम्पैक्ट सिटी मॉडल पर आधारित गेम्स आयोजित करने का वादा किया। इसका मतलब है कि खेल स्थलों, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों की रहने की व्यवस्था सभी एक-दूसरे के नजदीक होंगे। इस मॉडल से खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

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