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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 15 मई से राजधानी में अपनी पहली हाइड्रोजन पावर्ड शटल बस सर्विस शुरू कर दी है। यह बस पेट्रोल, डीजल या सीएनजी पर नहीं चलती और ना ही धुआं छोड़ती है। यह सर्विस सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को कवर करेगी।

यह शटल सर्विस केंद्रीय सचिवालय से सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच चलेगी। DMRC को यह बस इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की ओर से मिली है, जिसे टाटा मोटर्स ने विकसित किया था। कंपनी ने इसे वर्ष 2023 में IOCL को डिलीवर किया था। बस में हाइड्रोजन पावर्ड PEM फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें 350-बार हाइड्रोजन स्टोरेज सिस्टम और 70 kW का फ्यूल सेल लगा है।

12 मीटर लंबी इस बस में 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम, स्टेबिलिटी कंट्रोल, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, टेलीमैटिक्स, GPS आधारित ट्रैकिंग और CCTV कैमरे दिए गए हैं। सर्विस सोमवार से शुक्रवार तक उपलब्ध होगी। सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेगी।

यह बस कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, इंडिया गेट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन क्षेत्र को कवर करेगी। क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज दोनों दिशाओं में संचालन होगा। हाइड्रोजन बस शून्य प्रदूषण वाली है, हालांकि बड़े स्तर पर संचालन के लिए अभी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। फिलहाल इसे टेस्ट व्हीकल के रूप में देखा जा रहा है।

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