नई दिल्ली।भारत की जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। उत्तराखंड में जनगणना की प्रक्रिया मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए संचालित की जाएगी, जबकि सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रबंधन और निगरानी का काम होगा। नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (सेल्फ एनुमरेशन) का विकल्प भी दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य जनगणना अधिकारी ललित मोहन रयाला ने बताया कि परिवार अपनी जानकारी 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आधिकारिक वेब पोर्टल https://se-census-gov-in पर जमा कर सकते हैं। स्व-गणना की प्रक्रिया में राज्य या केंद्र शासित प्रदेश चुनना, 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करना, भाषा का चयन कर ओटीपी से वेरिफिकेशन, जिला, पिन कोड चुनना, नक्शे पर निवास चिह्नित करना, डेटा भरना और सबमिट करना शामिल है। सबमिट करने के बाद प्राप्त एसईआईडी को सुरक्षित रखना होगा और गणनाकार के आने पर उसे देना होगा।
जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में आवास सूचीकरण और आवास जनगणना 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें नियुक्त पर्यवेक्षक और गणनाकार घर-घर जाकर काम करेंगे। दूसरे चरण में जनसंख्या जनगणना 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक होगी, जो भी घर-घर जाकर की जाएगी।ललित मोहन रयाला ने जिले के सभी नागरिकों से राष्ट्र के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने, घर आने वाले जनगणना गणनाकारों को सही जानकारी देने और पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना करने की अपील की है। इस बीच नैनीताल में पर्यवेक्षकों और गणनाकारों का प्रशिक्षण चल रहा है।
कैसे करें Self-Enumeration: पूरी प्रक्रिया
स्व-गणना की प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है। सबसे पहले नागरिकों को पोर्टल पर जाकर अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का चयन करना होगा। इसके बाद उन्हें अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जिस पर एक ओटीपी (OTP) प्राप्त होगा। इस ओटीपी के माध्यम से पहचान सत्यापित की जाएगी।
इसके बाद उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा भाषा का चयन कर सकते हैं, जिससे उन्हें फॉर्म भरने में आसानी हो। फिर उन्हें जिला और पिन कोड का चयन करना होगा और नक्शे पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करना होगा। इसके बाद परिवार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी जैसे सदस्यों की संख्या, आयु, शिक्षा, व्यवसाय आदि भरनी होगी।
जब सभी जानकारी सही तरीके से भर दी जाती है, तब उसे सबमिट करना होता है। सबमिट करने के बाद एक विशेष पहचान संख्या (SEID) प्राप्त होती है, जिसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। जब जनगणना गणनाकार घर पर आएंगे, तब उन्हें यही SEID दिखाना होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना 2027 को दो प्रमुख चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण “आवास सूचीकरण और आवास जनगणना” का होगा, जो 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान नियुक्त पर्यवेक्षक और गणनाकार घर-घर जाकर आवास से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।
दूसरा चरण “जनसंख्या जनगणना” का होगा, जो 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस चरण में भी गणनाकार घर-घर जाकर नागरिकों की विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे। हालांकि, जो लोग पहले ही स्व-गणना कर चुके होंगे, उनके लिए यह प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
नागरिकों की भूमिका और अपील
ललित मोहन रयाला ने जिले के सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग घर आने वाले गणनाकारों को सही और पूर्ण जानकारी दें तथा अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना का विकल्प अपनाएं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसलिए नागरिकों को बिना किसी हिचकिचाहट के सही जानकारी प्रदान करनी चाहिए।
