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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में 30 जून को पराग्वे ने टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उलटफेर भरी जीत दर्ज की। चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर पराग्वे ने राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय में मैच 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ था।मैच के पहले हाफ के आखिरी पलों में जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर से पराग्वे को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में जर्मनी ने वापसी करते हुए 52वें मिनट में काई हैवर्ट्ज के गोल से स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई और गोल नहीं हुआ।

पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार प्रदर्शन किया और जर्मनी के दो पेनल्टी प्रयास रोक दिए। जर्मनी की ओर से काई हैवर्ट्ज, निक वोल्टेमाडे और जोनाथन टाह पेनल्टी गोल नहीं कर सके। सडन डेथ में जोस कैनाले ने निर्णायक पेनल्टी स्कोर करके पराग्वे की जीत सुनिश्चित की।इस जीत के साथ पराग्वे 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में पहुंचा है। जर्मनी का अभियान राउंड ऑफ 32 में ही समाप्त हो गया। अब राउंड ऑफ 16 में पराग्वे का मुकाबला 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया में फ्रांस और स्वीडन मैच की विजेता टीम से होगा।

पहले हाफ में पराग्वे ने बनाई बढ़त

मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक फुटबॉल खेली। जर्मनी ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की, जबकि पराग्वे ने तेज काउंटर अटैक के जरिए लगातार दबाव बनाया।

पहले हाफ के अंतिम क्षणों में पराग्वे को उसकी मेहनत का फल मिला। टीम के युवा स्टार जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर के जरिए गेंद को जर्मनी के गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ पराग्वे ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली और पहले हाफ का समापन बढ़त के साथ किया।

एनसिसो का यह गोल न केवल तकनीकी रूप से बेहतरीन था, बल्कि मानसिक रूप से भी जर्मनी पर दबाव बनाने वाला साबित हुआ।

अतिरिक्त समय में भी नहीं निकला नतीजा

अतिरिक्त 30 मिनट में दोनों टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी। खिलाड़ियों की फिटनेस और रणनीति की कड़ी परीक्षा देखने को मिली। जर्मनी ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन अंतिम फिनिशिंग में सफलता नहीं मिली।

पराग्वे ने भी कुछ खतरनाक काउंटर अटैक किए, लेकिन जर्मन गोलकीपर ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया। अतिरिक्त समय समाप्त होने तक स्कोर 1-1 ही रहा और मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हुआ।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का नॉकआउट चरण लगातार रोमांचक परिणाम दे रहा है। बड़े देशों के खिलाफ अपेक्षाकृत कम चर्चित टीमों का शानदार प्रदर्शन यह साबित कर रहा है कि आधुनिक फुटबॉल में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।पराग्वे की यह ऐतिहासिक जीत इसी का ताजा उदाहरण है। मजबूत रक्षा, प्रभावी गोलकीपिंग और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टीम ने विश्व फुटबॉल की सबसे सफल टीमों में शामिल जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब सभी की निगाहें राउंड ऑफ 16 पर होंगी, जहां पराग्वे अपने इस शानदार अभियान को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

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