नई दिल्ली। किसानों के लिए फसलों में लगने वाले कीट और बीमारियां आम समस्या हैं। बाजार के रासायनिक कीटनाशक महंगे होने के साथ स्वास्थ्य और मिट्टी पर भी बुरा असर डालते हैं। ऐसे में किसान घरेलू सामग्री से सस्ते और सुरक्षित जैविक कीटनाशक तैयार कर रहे हैं, जिससे सालाना हजारों रुपये की बचत हो सकती है।
नीम की पत्ती और लहसुन को पानी में उबालकर छान लें। इस घोल का फसलों पर छिड़काव करने से तेज गंध के कारण कीट दूर भागते हैं। नीम का तेल स्प्रे भी किया जा सकता है। नीम की खली को एक एकड़ खेत में 5 से 10 किलो डालने से मिट्टी के अंदर मौजूद कीट और उनके अंडे नष्ट होते हैं। यह प्राकृतिक दवा ज्यादा मात्रा में भी नुकसान नहीं करती।
अग्नि अस्त्र नामक जैविक कीटनाशक बनाने के लिए नीम के पत्ते, देसी गाय का गोमूत्र, लहसुन, अदरक, मिर्च और तंबाकू पाउडर को मिलाकर उबालें। कुछ दिनों तक रखने के बाद छानकर पानी में मिलाएं और फसलों पर छिड़काव करें। इससे हानिकारक कीटों पर नियंत्रण रहता है जबकि फायदेमंद कीट सुरक्षित रहते हैं।
3जी पेस्टिसाइड बनाने के लिए अदरक, लहसुन और हरी मिर्च को पीसकर पानी या तेल के साथ मिलाएं। कुछ समय बाद छानकर सुबह या शाम के समय पौधों पर स्प्रे करें। यह कीटों और फंगस से बचाता है तथा उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। बगीचे के लिए वेजिटेबल ऑयल और साबुन का घोल बनाकर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।
