नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी शुरू करने की घोषणा की है। यह नाकाबंदी सोमवार से लागू हो जाएगी, जिसके तहत ईरान से आने-जाने वाले किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी।वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान को प्रतिदिन लगभग 435 मिलियन डॉलर (करीब 4,081 करोड़ रुपये) का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। इसमें मुख्य रूप से कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल्स के निर्यात में कमी से 276 मिलियन डॉलर प्रतिदिन का नुकसान शामिल है।
ईरान प्रतिदिन 1.5 मिलियन बैरल तेल का निर्यात करता है। युद्धकालीन स्थिति में तेल की कीमत लगभग 87 डॉलर प्रति बैरल मानी गई है। ईरान के 90 प्रतिशत से अधिक तेल का निर्यात खार्ग द्वीप से होकर होता है। वर्तमान में लगभग 154 मिलियन बैरल ईरानी तेल समुद्र में तैर रहा है।
पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के एक अधिकारी ने डब्ल्यूएसजे को बताया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी से देश को प्रतिदिन 435 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा। नुकसान की मात्रा कई अज्ञात कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें नाकाबंदी की प्रभावशीलता और होर्मुज स्ट्रेट के पानी के बाहर तेल निर्यात की संभावना शामिल है।
अमेरिका ने मध्य पूर्व में 16 युद्धपोत तैनात किए हैं, लेकिन फारस की खाड़ी में कोई युद्धपोत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, नाकाबंदी लागू करने में बड़ी संख्या में जहाजों की चुनौती होगी। शुरुआती दिनों में अमेरिकी सेना कितने जहाजों को जब्त कर पाती है, इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।
