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तेल और चीनी से भरे समोसे, जलेबी और लड्डू भले ही हमारी थालियों और त्योहारों की शान हों, लेकिन अब इन्हीं के ज़रिए देश में बढ़ते मोटापे और जीवनशैली रोगों पर बहस तेज हो गई है।

हाल में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने का निर्देश दिया है। मगर पीआईपी ने पूरी तहकीकात के साथ खुलासा किया कि सरकारी की तरफ से कोई निर्देश जारी नहीं किया है। हां तेल और चीनी का अत्यधिक सेवन मोटापे, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़े अन्य रोगों को बढ़ावा देता है। इसलिए सावधानी रखने की बात जरूर कही गई है।

मोटापे पर बढ़ी चिंता

भारत में मोटापा और इससे जुड़ी बीमारियां जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शहरी आबादी में लगभग हर तीसरा व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक मोटापा न केवल वयस्कों बल्कि बच्चों में भी एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है।

बता दें कि, भारत में मोटापे और जीवनशैली रोगों से निपटने के लिए सरकार अब धीरे-धीरे व्यवहार में बदलाव लाने की नीति अपना रही है। कार्यस्थलों पर जागरूकता बोर्ड लगाने की यह पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

खानपान को लेकर सावधानी रखें…

आज के समय में फास्ट फूड जैसी चीजों ने हर किसी की लाइफ को प्रभावित किया है। खासकर शहरी लोगों के स्वास्थ्य पर इसका विपरित प्रभाव देखने को मिला है। क्योंकि शहरी लाइफस्टाइल में खानपान के जो तरीके हैं वो बेहद चिंताजनक हैं। हरी भरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा अपने खानपान का उपयोग करना चाहिए।

योग ध्यान को भी रोजाना रूटीन में शामिल करें

सरकार की तरफ से योग ध्यान को रोजाना जिंदगी में शामिल करने की बात लगातार प्रचारित की जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं यही वजह है कि अब लोग अधिक से अधिक योग की तरफ रूख कर रहे हैं।

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