नई दिल्ली।विपक्षी INDIA गठबंधन के घटक दलों की महत्वपूर्ण बैठक 6 जून को होने जा रही है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सहित कई सहयोगी दलों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में भाजपा के खिलाफ रणनीति के साथ ही विपक्षी दलों के राजनीतिक भविष्य और गठबंधन की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक से पहले बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच गुरुवार को फोन पर लंबी वार्ता हुई। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी 6 जून को दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल हो सकती हैं।बंगाल में लगातार 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। केरल में वामपंथी दलों को बड़ा झटका लगा है, जबकि तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों में तनाव की चर्चा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि धर्मतल्ला में होने वाला धरना और 6 जून की INDIA गठबंधन बैठक दोनों घटनाएं विपक्षी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस राज्य स्तर पर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल भविष्य की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि INDIA गठबंधन चुनावी झटकों से कितना सबक लेता है और विपक्षी एकता को किस प्रकार आगे बढ़ाता है। फिलहाल सभी की नजरें 6 जून को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां विपक्षी दलों की आगे की राजनीतिक दिशा और रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं। यह बैठक केवल चुनावी समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की विपक्षी राजनीति के भविष्य की रूपरेखा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
