समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को जबरदस्त तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पहली बार 84,000 के स्तर को पार कर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी मजबूती से ऊपर कारोबार कर रहा है। यह तेजी मुख्य रूप से भारत और अमेरिका के बीच जारी हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के फ्रेमवर्क से जुड़ी है, जिसने निवेशकों में भारी उत्साह पैदा किया है।

गौरतलब हैं कि, 6 फरवरी 2026 को व्हाइट हाउस की ओर से जारी संयुक्त बयान में अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया, जो व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता फरवरी 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक वार्ताओं का हिस्सा है। फ्रेमवर्क के तहत दोनों देशों ने पारस्परिक और संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है, जिसमें टैरिफ में कटौती, बाजार पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है।

इस संबंध में बता दें कि, यह समझौता पिछले कुछ महीनों से चली आ रही तनाव को खत्म करने में महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे अब हटा दिया गया है। भारत ने रूसी तेल की खरीद रोकने या सीमित करने की प्रतिबद्धता जताई है और अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, एयरक्राफ्ट, प्रेसियस मेटल्स, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल की खरीद का इरादा जाहिर किया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यह आंकड़ा काफी रूढ़िवादी है, क्योंकि भारत पहले से ही अन्य देशों से 300 अरब डॉलर के सामान आयात करता है, जिसे अमेरिका से बदला जा सकता है।

वही, यह समझौता मार्च तक अंतिम रूप ले सकता है, जिससे लंबे समय तक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि निर्यात-केंद्रित कंपनियों पर फोकस करें, लेकिन जोखिम प्रबंधन जरूरी है। कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार फ्रेमवर्क ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version