दिल्ली। भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चार्जिंग को लेकर एक नया और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसके तहत अब ट्रेनों में चार्जिंग का समय तय कर दिया गया है। आज सामने आई इस खबर के अनुसार, रेलवे ने सुरक्षा मानकों को कड़ा करते हुए यह निर्णय लिया है ताकि सफर के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी असुविधा या खतरे से बचा जा सके।
इस नए नियम के तहत, रात के समय (आमतौर पर रात 11:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक) सभी एसी और नॉन-एसी कोचों में चार्जिंग पॉइंट्स की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। रेलवे प्रशासन का यह मानना है कि रात के वक्त जब अधिकतर यात्री सो रहे होते हैं, तब लंबे समय तक फोन या अन्य गैजेट्स को चार्जिंग पर छोड़ देने से उपकरणों में ओवरलोडिंग की स्थिति बन जाती है।
रेलवे सुरक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों के हालिया रिसर्च और विश्लेषण में यह बात सामने आई थी कि रात में लंबे समय तक अनअटेंडेड चार्जिंग होने से बैटरियों में ओवरहीटिंग (Overheating) और शॉर्ट सर्किट का खतरा काफी बढ़ जाता है। अतीत में इस तरह की तकनीकी कमियों के कारण ट्रेनों में आग लगने की कुछ छिटपुट घटनाएं भी देखने को मिली थीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा चिंता का विषय थीं।
इसी गंभीर समस्या और संभावित अग्निकांडों (Fire Hazards) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है। इस नियम के लागू होने से न केवल रात के समय बिजली की अनावश्यक खपत रुकेगी, बल्कि ट्रेन यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, आरामदायक और जोखिममुक्त बनाया जा सकेगा।
