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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। लोकसभा में आज इंडिगो एयरलाइन्स की उड़ानों में बड़े व्यवधान पर जोरदार बहस हुई। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सदन को आश्वासन दिया कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन में वॉकआउट भी हुआ।

यह विवाद पिछले सप्ताह से चल रहा है। इंडिगो ने पायलट थकान नियमों के कारण आंतरिक रोस्टरिंग में खटास आने से उड़ानें रद्द कर दीं। 5 दिसंबर को कंपनी की दैनिक उड़ानें सामान्य 1800 से घटकर सिर्फ 706 रह गईं। इससे हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए – कई घंटों की प्रतीक्षा, सामान गुम होने की शिकायतें और किरायों में उछाल। अगले ही दिन सेवाएं बहाल हो गईं और अब संख्या 1800 से ऊपर पहुंच चुकी है, लेकिन नुकसान हो चुका था।

मंत्री नायडू ने सदन में स्पष्ट किया कि ये व्यवधान सिर्फ इंडिगो तक सीमित रहे। अन्य एयरलाइन्स ने बिना रुकावट उड़ानें चलाईं और हवाई अड्डों पर भी कोई भगदड़ नहीं मची। उन्होंने बताया कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इंडिगो की उड़ानों में 5 फीसदी की कटौती कर दी है। कंपनी के सीईओ और सीओओ को नोटिस जारी हो चुके हैं, जबकि पूरी जांच चल रही है। पायलट थकान नियमों को दो चरणों में लागू किया गया – पहला जुलाई से और दूसरा नवंबर 2025 से। ये बदलाव यात्री सुरक्षा के लिए जरूरी थे, लेकिन इंडिगो ने पहले आश्वासन दिया था कि सब संभाल लेंगे।

यात्रियों को राहत देने के लिए सरकार ने तुरंत कदम उठाए। 750 करोड़ रुपये से ज्यादा के रिफंड जारी हो चुके हैं, पुन: बुकिंग मुफ्त है और सामान वापसी पर नजर रखी जा रही है। किरायों पर अंकुश लगाया गया ताकि मांग बढ़ने पर कोई शोषण न हो। 24 घंटे के कंट्रोल रूम भी सक्रिय हैं।

विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस और डीएमके के सदस्यों ने इसे ‘व्यवस्था की नाकामी’ बताया और वॉकआउट कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा शांत करते हुए कहा कि मंत्री ने सब विस्तार से रखा है। मंत्री नायडू ने बहस में कहा, “नागरिक उड्डयन में सुरक्षा में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। किसी भी विमानन कंपनी को यात्रियों के लिए परेशानियां खड़ी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने आगे जोड़ा, “देशभर में विमान परिचालन में खामियों से यात्रियों को होने वाली परेशानी के लिए इंडिगो के खिलाफ कड़ी और उचित कार्रवाई की जाएगी।”

ये सुधार यात्रियों की जान बचाने के लिए हैं, जैसा कि नायडू ने जोर देकर कहा। भारत अंतरराष्ट्रीय मानकों पर चलता है और स्थिति सामान्य होने तक निगरानी बरकरार रहेगी। इंडिगो को परिचालन दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है।यह घटना भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र की कमजोरियों को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर यात्री अभी भी नाराजगी जता रहे हैं, लेकिन सरकार की कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी परेशानी कम होगी। अगर ये कदम सख्ती से लागू हुए, तो हवाई यात्रा ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।

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