अमेरिका। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई हमले में घायल हुए हैं और संभवतः उनका चेहरा बिगड़ गया है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई या तो मर चुके हैं या बहुत बुरी हालत में हैं, क्योंकि उनकी कोई बात सार्वजनिक रूप से नहीं सुनी गई है। ट्रंप ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वे सोचते हैं कि मोजतबा शायद जिंदा हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं।
ईरानी पक्ष ने इन दावों का खंडन किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने जोर देकर कहा कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के सभी कामकाज संभाल रहे हैं। ईरान के राजदूत ने गैर-हाजिरी को सुरक्षा कारणों से जोड़ा।8 मार्च को नियुक्ति के बाद मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं, जिससे उनकी सेहत और स्थिति को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं। अमेरिकी बयानों और ईरानी दावों के बीच विरोधाभास जारी है।
8 मार्च के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे
इस विवाद की एक बड़ी वजह यह है कि 8 मार्च को सुप्रीम लीडर नियुक्त किए जाने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक मंचों पर नजर नहीं आए हैं। न तो उन्होंने कोई सार्वजनिक भाषण दिया है और न ही किसी आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लिया है। यही कारण है कि उनकी सेहत को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश के सर्वोच्च नेता की लंबे समय तक अनुपस्थिति स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करती है। खासकर तब, जब उस देश का राजनीतिक और सामरिक महत्व वैश्विक स्तर पर इतना बड़ा हो, जितना कि ईरान का है।
फिलहाल, मोजतबा खामेनेई की वास्तविक स्थिति को लेकर कोई ठोस और स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। एक तरफ अमेरिकी दावे हैं, जो उनकी गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं, और दूसरी तरफ ईरान सरकार है, जो उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बता रही है।
सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन इतना जरूर है कि इस मुद्दे ने वैश्विक राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और सभी की नजरें अब ईरान की अगली आधिकारिक प्रतिक्रिया या मोजतबा खामेनेई की संभावित सार्वजनिक उपस्थिति पर टिकी हुई हैं।
