कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मतदान हुआ। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में वोटर टर्नआउट ने राज्य के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कुछ जगहों पर झड़पों की छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन इसके बावजूद मतदाताओं ने भारी संख्या में वोट डाले। किसी भी पक्ष ने वोट में धांधली या बूथ कैप्चरिंग के गंभीर आरोप नहीं लगाए।
इससे पहले पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक वोटर टर्नआउट का रिकॉर्ड वर्ष 2011 का था, जब 84.72 प्रतिशत मतदान हुआ था। उस चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने वाम मोर्चा के 34 साल के शासन को समाप्त किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 के चुनाव में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने अभूतपूर्व तरीके से हिस्सा लिया है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक वोट कटे थे, वहां भी रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। इस चरण की भारी भागीदारी ने राज्य के चुनावी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है।
