समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

वॉशिंगटन। वॉशिंगटन डीसी: दो हफ्ते तक ईरान के खिलाफ चले युद्ध के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जल्द ही जीत का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, आखिरी परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान लड़ाई जारी रखता है, जहाजों पर हमले करता है या जवाबी कार्रवाई करता रहता है, तो युद्ध वास्तव में समाप्त नहीं होगा।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की नौसेना का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया गया है, उसकी कई मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं और कई टॉप लीडर्स मारे जा चुके हैं। इसके बावजूद ट्रम्प के प्रमुख राजनीतिक मकसद अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। ईरान में पुराना शासन अभी भी कायम है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल के समुद्री रास्ते को बाधित करके वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेहरान के पास अभी भी स्थिति पलटने की ताकत बाकी है।

युद्ध का असर अमेरिका के अंदर भी दिखने लगा है। पेट्रोल की कीमतों में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है, किसानों के लिए खाद महंगी हो गई है और अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है। ट्रम्प के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर रही है, क्योंकि उनकी पार्टी के लोग अब युद्ध खत्म करके अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। इस साल नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प अकेले युद्ध रोककर तेल की बढ़ती कीमतों को तुरंत नियंत्रित नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की क्षमता दिखाई है। साथ ही, युद्ध के बाद ईरान के भीतर कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो सकती हैं और वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। ईरान के पास अभी भी करीब 440 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम मौजूद है, जिसे अमेरिका और उसके सहयोगी बड़ा खतरा मानते हैं। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट ब्रायन कातुलिस ने कहा कि इस युद्ध ने स्थिति को और ज्यादा मुश्किल बना दिया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version