नई दिल्ली।खरीफ फसलें वे होती हैं जिनकी बुवाई मानसून के आगमन के साथ की जाती है। आमतौर पर जून और जुलाई में इनकी बुवाई शुरू होती है जबकि सितंबर-अक्टूबर के बीच कटाई की जाती है। कुछ फसलों जैसे कपास और गन्ने की कटाई नवंबर-दिसंबर तक भी चल सकती है। भारत में यह सीजन दक्षिण-पश्चिमी मानसून के साथ जून में शुरू होता है और अक्टूबर तक चलता है।
इन फसलों को अच्छी बारिश, गर्म मौसम और अधिक नमी की जरूरत होती है। खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त माना जाता है। खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर होती है, इसलिए मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।
देशभर में खरीफ सीजन के दौरान किसान कई प्रमुख फसलों की खेती करते हैं। इनमें धान सबसे प्रमुख है। इसके अलावा मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, सोयाबीन, कपास, मूंगफली, तिलहन, सूरजमुखी, उड़द, मूंग और अरहर जैसी फसलें बोई जाती हैं। मोटे अनाज यानी श्री अन्न की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा और कोदो शामिल हैं।
