नई दिल्ली। किसान क्रेडिट कार्ड (केवीसी) योजना के तहत सरकार किसानों को खेती-किसानी के कामों के लिए बेहद कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करा रही है। इस स्कीम में बिना किसी गारंटी के तय सीमा तक आसानी से लोन लिया जा सकता है।योजना के अनुसार किसानों को 7 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर लोन मिलता है। यदि किसान समय पर किस्तें चुकाते हैं तो सरकार 3 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर महज 4 प्रतिशत रह जाती है। ₹1.60 लाख तक के कृषि लोन के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी या जमीन गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है।
जानकारी दे दें कि, इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, खेती की जमीन के दस्तावेज जैसे खतौनी या जमाबंदी और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं।आवेदन प्रक्रिया काफी सरल है। किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आवेदन फॉर्म ले सकते हैं और जमा कर सकते हैं। एसबीआई के ग्राहक योनो ऐप के माध्यम से एग्रीकल्चर सेक्शन से घर बैठे अप्लाई कर सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लोन राशि सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
वही, सरकार का मानना है कि किसानों को सस्ती दर पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा सकता है। यही वजह है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से इस योजना का लाभ और अधिक किसानों तक पहुंचने की उम्मीद है।
यदि किसान सही समय पर इस योजना का लाभ उठाएं और लोन की समय पर अदायगी करें, तो उन्हें कम ब्याज पर लगातार वित्तीय सहायता मिलती रह सकती है। इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
