समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में जारी राजनीतिक टकराव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर विपक्षी दल सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों ने विपक्ष के व्यवहार को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों पर सदन की गरिमा भंग करने, मर्यादा तोड़ने और लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


इस दौरान बता दें कि, पत्र में विस्तार से आरोप लगाए गए हैं कि विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने न केवल सदन के वेल में प्रवेश किया, बल्कि स्पीकर की मेज पर चढ़ गए, कागजात फाड़े और उन्हें स्पीकर की ओर फेंका। दुख की बात बताते हुए कहा गया कि कुछ माननीय महिला सदस्य आक्रामक व्यवहार करते हुए बैनर और तख्तियां लेकर आगे बढ़ीं। उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री की सीट को घेरा, बल्कि ट्रेजरी बेंच में भी घुस गईं, जहां वरिष्ठ मंत्री बैठते हैं। भाजपा सांसदों ने इसे “घिनौने काम” करार देते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक संस्थानों की बदनामी हुई है। इसलिए उन्होंने स्पीकर से अपील की है कि वे नियमों के तहत उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ सबसे सख्त से सख्त कार्रवाई करें।

वही यह भी बताते चले कि, इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा ने इसे कांग्रेस की साजिश बताया और कहा कि विपक्ष ने सदन की मर्यादा तोड़ी। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। कांग्रेस की महिला सांसदों, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं, ने भी स्पीकर को पत्र लिखा और कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को “डर का कार्य” बताया और स्पीकर पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की भी तैयारी दिखाई है।

यह विवाद आगे कैसे बढ़ेगा, यह देखना बाकी है। स्पीकर ओम बिरला अब दोनों पक्षों के पत्रों पर क्या फैसला लेते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा। संसद में महिला सांसदों की भूमिका और उनके व्यवहार पर भी बहस छिड़ गई है। कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है, जहां लोकतंत्र की मजबूती के बजाय आरोपों की बौछार ज्यादा दिख रही है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version