कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कोलकाता में एक मजबूत कक्ष में पोस्टल बैलट के साथ गड़बड़ी का आरोप लगाया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि बिना पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पोस्टल बैलट और संबंधित दस्तावेजों को संभाला जा रहा था।
टीएमसी नेताओं कुणाल घोष और शशि पांजा ने दोपहर तीन बजे एक ईमेल के बाद मजबूत कक्ष पहुंचकर धरना शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए ईवीएम रखे गए सखावत मेमोरियल स्कूल के मजबूत कक्ष में बिना सूचना के गतिविधियां हो रही थीं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहां पहरा दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
ममता बनर्जी शाम को मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक वहां रहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मजबूत कक्ष की 24 घंटे निगरानी करने की अपील की। बाहर निकलते हुए ममता ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने पहले उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन चुनाव नियमों का हवाला देने पर अनुमति मिली। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर अनियमितताएं पाई गई हैं और कहा, “अगर कोई छेड़छाड़ हुई तो हम लड़ेंगे। अगर कोई ईवीएम मशीन लूटने की कोशिश करेगा तो हम अपनी जान पर खेल देंगे।”
रात में चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीएमसी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि मजबूत कक्ष में बैलटों का सॉर्टिंग का काम प्रक्रिया के तहत चल रहा था और सभी पार्टियों को पहले से सूचना दे दी गई थी। आयोग ने कहा कि कोई बैलट बॉक्स की छेड़छाड़ नहीं हुई और खिदिराम अनुशीलन केंद्र के सात मजबूत कक्ष पूरी तरह सुरक्षित हैं। पोस्टल बैलट का सॉर्टिंग अलग कमरे में हो रहा था इस घटना के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने ममता बनर्जी के इस कदम को नाटकीय बताया।
