नई दिल्ली। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज से भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो उनके प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद भारत का पहला दौरा है। यह चार दिवसीय यात्रा 27 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च तक चलेगी, जिसमें मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा। यात्रा के दौरान कनाडा ने स्पष्ट किया है कि उसके देश में हुई कुछ हिंसक घटनाओं या अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्नी 27 फरवरी को मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे अगले दो दिनों तक बिजनेस लीडर्स, भारतीय और कनाडाई सीईओ, उद्योग विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों तथा कनाडाई पेंशन फंड्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन चर्चाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश पर जोर दिया जाएगा।
कनाडाई अधिकारियों ने यात्रा से पहले कहा कि यदि भारत लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहा होता, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा नहीं होती। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से अधिक है और भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां कार्यरत हैं। कनाडा के पेंशन फंड्स ने भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स में भारी निवेश किया है। यात्रा का उद्देश्य कनाडा की अमेरिका पर आर्थिक निर्भरता कम करना और नए व्यापारिक रास्ते खोलना भी है। इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।
