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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के कारण तेल-गैस आयात में रुकावट आ गई है। इसका सीधा असर भारत में एलपीजी (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) पर पड़ रहा है, जहां संकट गहराता जा रहा है। गैस कंपनियों ने एलपीजी की कीमतें बढ़ा दी हैं, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है।

इस संकट का प्रभाव रोजमर्रा के खान-पान पर साफ दिखाई दे रहा है। जो चाय की दुकानें कल तक 10 रुपये में चाय देती थीं, अब वह 15 से 20 रुपये में बेच रही हैं। कई जगहों पर कटिंग चाय 7 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गई है। इसी तरह, रेस्टोरेंटों में मटर पनीर, पूड़ी, गोलगप्पे जैसे लोकप्रिय व्यंजनों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। सुबह के नाश्ते से लेकर डिनर तक कई आइटमों के दामों में इजाफा हुआ है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है।

एलपीजी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में कमी के कारण रेस्टोरेंट मेन्यू में बदलाव करने लगे हैं। छोटे-बड़े कारोबारी इस संकट से जूझ रहे हैं, क्योंकि कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे। इससे खाद्य पदार्थों की तैयारियों में दिक्कत आ रही है और कुल मिलाकर महंगाई में इजाफा देखा जा रहा है।

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