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भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो राज्य के इतिहास में महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित सबसे बड़ा और महिला-केंद्रित बजट माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में यह बजट सदन के पटल पर रखा। बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है, जबकि महिलाओं की योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे ‘ज्ञान’ (GYANII – गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री) पर आधारित ऐतिहासिक बजट बताया है, जो गरीबी उन्मूलन, युवा सशक्तिकरण, अच्छे शासन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देगा।

बता दें कि, बजट पेश करने के दौरान सदन में कांग्रेस विधायकों का हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इसे ‘बातों के बताशे’ वाला बजट करार दिया और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह जनता से विश्वासघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा किए गए प्रमुख वादे—किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और अन्य वर्गों के लिए—बजट में गायब हैं। हंगामा के बीच स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत रहने और अपनी सीटों पर जाने की अपील की, लेकिन वे गर्भगृह में खड़े होकर विरोध जताते रहे। विपक्ष ने राज्य के बढ़ते कर्ज (लगभग 4.94 लाख करोड़ रुपये) और आर्थिक बोझ पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट को गरीबी से लड़ाई और युवा सशक्तिकरण का रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों, द्वारका योजना, किसानों के लिए फ्री लैंड रजिस्ट्रेशन और यशोदा मिल्क स्कीम जैसे कार्यक्रमों पर फोकस करता है। बजट ‘रोलिंग बजट’ सिस्टम पर आधारित है, जो लचीला और प्रभावी होगा।

वहीं, इस संबंध में कांग्रेस ने बजट को निराशाजनक बताया। कमलनाथ के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष जितू पटवारी ने कहा कि यह अवास्तविक है और राज्य को 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से आय-व्यय पर विशेषज्ञ टीम गठित करने की सलाह दी।कुल मिलाकर, यह बजट मध्य प्रदेश को समृद्ध, संपन्न और सुखद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं और बच्चों की योजनाएं चुनावी वर्षों में राजनीतिक रूप से भी मजबूत साबित हो सकती हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि, रोजगार सृजन और सतत विकास पर फोकस से उम्मीद है कि मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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