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ढाका।बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान को मंगलवार को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन के बाहर आयोजित भव्य समारोह में तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह पहली बार है जब तारिक रहमान इस उच्च पद पर आसीन हुए हैं। उनके साथ 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली, जिससे कुल मंत्रिमंडल 49 सदस्यों का हो गया।

इस संबंध में जानकारी दे दें कि, तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। वे राजनीतिक परिवार से आते हैं और बीएनपी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नेता माने जाते हैं। पिछले 17 वर्षों तक लंदन में स्व-निर्वासन में रहने के बाद, उन्होंने दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उनकी मां खालिदा जिया की मृत्यु के बाद यह वापसी और भी महत्वपूर्ण हो गई। तारिक ने बीएनपी को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया और 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में पार्टी को भारी बहुमत दिलाया।

यहां यह जानकारी देना सही हैं कि, चुनाव परिणामों में बीएनपी ने 297 सीटों में से 209 सीटें जीतीं, जो संसद में बहुमत के लिए जरूरी 151 सीटों से काफी अधिक है। सहयोगी दलों ने अतिरिक्त 3 सीटें जीतीं, जिससे बीएनपी गठबंधन की कुल सीटें 212 हो गईं। मुख्य विपक्षी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। यह चुनाव 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद हुआ, जिसमें शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी। यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतंत्र की बहाली का प्रतीक माना जा रहा है, जहां पिछले वर्षों की राजनीतिक अस्थिरता, दमन और विवादास्पद चुनावों के बाद नई शुरुआत हुई है।

गौरतलब हैं कि, शपथ ग्रहण समारोह में कई महत्वपूर्ण अतिथि मौजूद थे, जिनमें भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल थे। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी समारोह में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर बधाई दी और उन्हें भारत की आधिकारिक यात्रा का न्योता दिया। यह न्योता भारत-बांग्लादेश संबंधों की मजबूती का संकेत है, क्योंकि दोनों देश पड़ोसी हैं और व्यापार, सुरक्षा, जल-बंटवारा जैसे कई मुद्दों पर सहयोग करते हैं। मोदी ने उम्मीद जताई कि नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे तथा क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ेगी।

बताते चलें कि, न ए मंत्रिमंडल में विविधता और समावेशिता पर जोर दिया गया है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं, जबकि सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं। इसमें अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया गया है। हिंदू समुदाय से बीएनपी के वरिष्ठ नेता निताई रॉय चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे पूर्व में इरशाद सरकार में मंत्री रह चुके हैं और बीएनपी के उपाध्यक्ष हैं। बौद्ध समुदाय से दिपेन देवान चकमा को मंत्री पद दिया गया है, जो चकमा जनजाति के प्रतिनिधि हैं और पहाड़ी इलाकों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।

इस दौरान तारिक रहमान ने शपथ लेते हुए कहा कि, वे संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और देश की सेवा करेंगे। उन्होंने बीएनपी की जीत को बांग्लादेश की जनता की जीत बताया और सभी से सहयोग की अपील की। हालांकि, जमात-ए-इस्लामी और कुछ अन्य दलों ने शपथ समारोह का बहिष्कार किया, जो राजनीतिक मतभेदों को दर्शाता है।

अंत में बता दें कि, बदलाव बांग्लादेश के लिए नया अध्याय है। 35 वर्षों में पहली बार कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना है, क्योंकि 1991 से अब तक या तो खालिदा जिया या शेख हसीना ही इस पद पर रहीं थीं। तारिक रहमान की अगुवाई में सरकार को आर्थिक पुनरुद्धार, सुशासन और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम करना होगा। भारत के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि मोदी का न्योता सकारात्मक संकेत है।

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