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बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव के परिणामों ने देश की राजनीति में एक नया युग शुरू कर दिया है। यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले जन-आंदोलन (जिसे जेन जेड विद्रोह भी कहा जाता है) के बाद पहला बड़ा संसदीय चुनाव था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई थी। चुनाव आयोग के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारी बहुमत हासिल किया है। बीएनपी और उसके गठबंधन ने 299 घोषित सीटों में से 212 सीटें जीतीं, जो दो-तिहाई बहुमत से अधिक है। पार्टी अकेले 209 सीटों पर जीती है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटें (जमात को 68) मिलीं।

गौरतलब हैं कि, यह जीत बीएनपी के लिए 20 साल बाद सत्ता में वापसी का प्रतीक है। 2001 में पार्टी ने आखिरी बार सरकार बनाई थी। बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान, जो खालिदा जिया के बेटे हैं, अब प्रधानमंत्री बनने की कगार पर हैं। तारिक रहमान ने 17 साल के निर्वासन (लंदन में) के बाद दिसंबर 2025 में स्वदेश लौटकर चुनाव प्रचार किया। वे ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से जीते हैं। यह बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा, क्योंकि पिछले कई दशकों से महिलाएं (शेख हसीना और खालिदा जिया) सत्ता में रहीं।

इस संबंध में खास तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तारिक रहमान को ‘तारिक-भाई’ कहकर बधाई दी है। ममता बनर्जी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अंग्रेजी और बांग्ला दोनों भाषाओं में पोस्ट किया: “बांग्लादेश में मेरे सभी भाइयों और बहनों, सभी लोगों को मेरी तरफ से दिल से बधाई, शुभोनंदन। उन सभी को मेरी तरफ से रमजान की एडवांस मुबारकबाद। इस बड़ी जीत के लिए, मेरे तारिक-भाई, उनकी पार्टी और सभी पार्टियों को मेरी तरफ से बधाई। दुआ है, आप सब ठीक और खुश रहें। दुआ है कि बांग्लादेश के साथ हमारे रिश्ते हमेशा अच्छे रहें।”

हम आपको बता दें कि, यह संदेश बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच सांस्कृतिक और भाषाई निकटता को दर्शाता है। बांग्ला भाषा में ‘शुभोनंदन’ कहकर ममता ने भावनात्मक जुड़ाव दिखाया। उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत रखने की कामना भी की। यह बधाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा साझा करते हैं, और दोनों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों का आवागमन मजबूत है। ममता बनर्जी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, और इससे दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों की उम्मीद बढ़ी है।

कुल मिलाकर, बीएनपी की यह जीत बांग्लादेश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार देश को नई दिशा देगी। ममता बनर्जी जैसी भारतीय नेताओं की बधाई से दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा। बांग्लादेश के लोग अब स्थिरता, विकास और लोकतंत्र की उम्मीद कर रहे हैं।

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