भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए समय-सीमा बढ़ा दी है। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे।
मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादले पूरे करने के निर्देश दिए थे। अब एक दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।
कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की बढ़ी हुई लागत को भी मंजूरी दे दी गई। अब इसकी लागत 12 हजार 900 करोड़ रुपए हो गई है। इसके अलावा बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दी गई। नीति का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और परोपकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों व डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देना है। कैबिनेट ने वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने वाली तीन योजनाओं को जारी रखने, श्रम विभाग की कई योजनाओं को आगे बढ़ाने और रीवा, देवास व गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स व्यवस्था से संचालित करने के पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।
तबादला नीति का उद्देश्य
राज्य सरकार की तबादला नीति का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, कर्मचारियों का संतुलित पदस्थापन सुनिश्चित करना और विभिन्न क्षेत्रों में मानव संसाधन की उपलब्धता बनाए रखना है। समय-समय पर होने वाले तबादले सरकारी कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तबादला प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए तो इससे सरकारी विभागों की कार्यक्षमता में सुधार होता है। साथ ही कर्मचारियों को भी अपनी सेवा संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप अवसर प्राप्त होते हैं।
विकास और प्रशासन दोनों पर सरकार का जोर
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार, शहरी विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। एक ओर कर्मचारियों के तबादलों को लेकर राहत प्रदान की गई है, वहीं दूसरी ओर इंदौर मेट्रो जैसी बड़ी अवसंरचना परियोजना और स्वास्थ्य अधोसंरचना नीति को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
आने वाले समय में इन निर्णयों के प्रभाव प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी, शहरी परिवहन मजबूत होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अधिक व्यापक बनेगी। यही कारण है कि कैबिनेट बैठक के ये फैसले राज्य के विकास एजेंडे के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
