मुंबई: अमेरिकी नौसेना के सबसे महंगे और अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन MQ-4C ट्राइटन का होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर से गायब हो जाना सीजफायर के महज दो दिन बाद सामने आया है। यह घटना अमेरिका के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। ड्रोन की अनुमानित कीमत लगभग 200 मिलियन डॉलर यानी करीब 1800 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ड्रोन फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग तीन घंटे की निगरानी मिशन पूरा करने के बाद इटली के सिगोनेला नौसेना एयर बेस की ओर लौट रहा था। ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, ड्रोन थोड़ा ईरान की ओर मुड़ा, फिर उसने इमरजेंसी कोड 7700 भेजा और तेजी से नीचे की ओर उतरने लगा। इसके बाद वह रडार से गायब हो गया।
यह ड्रोन अमेरिकी सेंट्रल कमांड के क्षेत्र में गल्फ इलाके में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की निगरानी के लिए तैनात था। यह उच्च ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम है और 50,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर 24 घंटे से ज्यादा उड़ सकता है। इसका रेंज 7,400 समुद्री मील है।
घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। यह पता नहीं चल सका है कि ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ या इसे मार गिराया गया। घटना की जानकारी ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और ‘द वॉर जोन’ रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है।
