समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।गर्मियों में आम का सीजन आते ही बाजार में केमिकल से पके आम आम हो गए हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। बाजार से कच्चे आम लाकर घर पर ही देसी और सुरक्षित नेचुरल तरीकों से उन्हें पकाया जा सकता है। इन तरीकों से आम बिना किसी साइड इफेक्ट के पकेंगे और स्वाद शक्कर जैसा मीठा होगा।सबसे आसान तरीका अखबार या मोटे सूती कपड़े का है। कच्चे आमों को एक-एक कर अखबार में लपेटकर गत्ते के डिब्बे में बंद कर रखें। इससे आम से निकलने वाली एथिलीन गैस अंदर रहती है और आम दो-तीन दिन में पक जाते हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि, चावल के ड्रम या डिब्बे में कच्चे आमों को गहरा दबाकर रखना है। चावल का नेचुरल तापमान और सूखी गर्माहट आम को तेजी से पकाती है, जिससे रंग और मिठास परफेक्ट आती है।तीसरा तरीका सूखी घास का है। बॉक्स में घास की परत बिछाकर आम रखें और ऊपर से घास से ढक दें। इससे स्टार्च जल्दी शुगर में बदलता है। चौथा तरीका पके केले का है, जिसमें एयरटाइट बैग में आमों के साथ पके केले रखने से एथिलीन गैस आमों को तेजी से पकाती है। पांचवां तरीका प्याज का है, जिसमें पेपर बैग में आमों के साथ साबुत प्याज रखकर मुंह बंद कर दें। इससे 24-48 घंटे में आम मीठे हो जाते हैं।

प्राकृतिक तरीके क्यों हैं बेहतर?

फल पकने की प्राकृतिक प्रक्रिया में एथिलीन (Ethylene) नामक गैस महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह गैस फल स्वयं भी छोड़ते हैं, जिससे धीरे-धीरे उनका रंग, स्वाद और मिठास विकसित होती है। घर पर अपनाए जाने वाले कई पारंपरिक तरीके इसी प्राकृतिक प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं। इससे आम धीरे-धीरे समान रूप से पकते हैं और उनका स्वाद भी बेहतर होता है।इसके विपरीत, कृत्रिम रसायनों के उपयोग से फल जल्दी तो पक जाते हैं, लेकिन कई बार उनका स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां संभव हो, प्राकृतिक तरीकों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

पांच नेचुरल तरीकोा जानें –

1. अखबार या सूती कपड़े में लपेटकर पकाएं

यह सबसे आसान और सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला घरेलू तरीका है। इसके लिए प्रत्येक कच्चे आम को अलग-अलग अखबार या मोटे सूती कपड़े में लपेट दें। इसके बाद इन्हें एक गत्ते के डिब्बे में रखकर ढक्कन बंद कर दें।

इस प्रक्रिया के दौरान आमों से निकलने वाली प्राकृतिक एथिलीन गैस डिब्बे के अंदर ही बनी रहती है, जिससे फल धीरे-धीरे पकने लगते हैं। सामान्य तापमान पर लगभग 2 से 3 दिनों में आम अच्छी तरह पक सकते हैं। ध्यान रखें कि डिब्बे को बहुत अधिक गर्म या धूप वाली जगह पर न रखें।

2. चावल के डिब्बे में रखें कच्चे आम

ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अपनाया जाने वाला यह तरीका आज भी काफी लोकप्रिय है। यदि आपके घर में चावल का बड़ा डिब्बा या ड्रम है, तो उसमें कच्चे आमों को इस तरह दबाकर रखें कि वे पूरी तरह चावल से ढक जाएं।

चावल की सूखी गर्माहट और स्थिर तापमान आमों के पकने की प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से तेज करते हैं। इससे आमों का रंग भी अच्छा आता है और उनमें प्राकृतिक मिठास विकसित होती है। लगभग 2 से 4 दिनों में आम पक सकते हैं। बीच-बीच में आमों की स्थिति जांचते रहें ताकि वे अधिक न पक जाएं।

3. सूखी घास का पारंपरिक तरीका

यह तरीका विशेष रूप से गांवों और बागानों में वर्षों से अपनाया जाता रहा है। इसके लिए किसी बॉक्स या टोकरी में सबसे पहले सूखी घास की एक परत बिछाएं। फिर उसके ऊपर कच्चे आम रखें और दोबारा उन्हें सूखी घास से ढक दें।

इस वातावरण में आम धीरे-धीरे पकते हैं और उनमें मौजूद स्टार्च प्राकृतिक रूप से शुगर में बदलने लगता है। यही कारण है कि इस तरीके से पकाए गए आम अधिक मीठे और सुगंधित महसूस होते हैं।

4. पके केले के साथ रखें आम

यदि आपके घर में पहले से पके हुए केले मौजूद हैं, तो उनका उपयोग भी आम पकाने के लिए किया जा सकता है। पके केले स्वाभाविक रूप से अधिक मात्रा में एथिलीन गैस छोड़ते हैं।

इसके लिए कच्चे आम और एक-दो पके केले को एक पेपर बैग या हल्के बंद कंटेनर में साथ रख दें। केले से निकलने वाली गैस आमों को तेजी से पकने में मदद करती है। सामान्यतः 2 से 3 दिनों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

5. प्याज के साथ भी आजमा सकते हैं तरीका

घरेलू उपायों में एक तरीका यह भी माना जाता है कि कच्चे आमों को पेपर बैग में साबुत प्याज के साथ रखकर बैग का मुंह बंद कर दिया जाए। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह का वातावरण आमों के पकने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। आमतौर पर 24 से 48 घंटे में फल पकने लगते हैं। हालांकि, इस तरीके का उपयोग करते समय नियमित रूप से आमों की जांच करते रहें

अंत मे बता दें कि, यदि आप स्वादिष्ट, मीठे और सुरक्षित आमों का आनंद लेना चाहते हैं, तो घर पर प्राकृतिक तरीकों से उन्हें पकाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अखबार, चावल, सूखी घास, पके केले और प्याज जैसे पारंपरिक उपाय बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के आमों को पकाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, आमों की नियमित जांच करते रहना और उन्हें साफ-सुथरी जगह पर रखना भी जरूरी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version