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सिक्किम भारत के सबसे सुंदर और जैव विविधता वाले राज्यों में शुमार है। यह प्रकृति के करीब होने के साथ-साथ दुनिया का पहला शत प्रतिशत जैविक खेती करने वाला राज्य भी है। यहां की पहाड़ियां, जंगल, नदियां और झरने इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं।सिक्किम सरकार ने रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। राज्य में किसान सीढ़ीदार खेतों पर पारंपरिक पद्धति से जैविक खेती करते हैं। इलायची, अदरक, संतरा, सेब, चाय और चावल जैसी फसलें यहां प्रमुख हैं। सिक्किम भारत का सबसे बड़ा इलायची उत्पादक राज्य है।

जैविक खेती को अपनाने का सफर आसान नहीं था। सरकार ने कई गांवों को गोद लिया और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की। शुरू में 2-4 वर्ष का समय लगा, लेकिन किसानों की मेहनत से राज्य में जैविक खेती फैली।आज सिक्किम के किसान जैविक खाद का उपयोग करते हुए खेती के खर्च में बचत कर रहे हैं और देश-विदेश में उत्पाद बेचकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। कई देश सिक्किम के साथ कृषि समझौते कर जैविक खेती के तरीके सीख रहे हैं। राज्य जैविक खेती के साथ स्वच्छता में भी अग्रणी है, जहां गंगटोक को कई बार स्वच्छतम शहर का पुरस्कार मिल चुका है।

जैविक खेती की दिशा में ऐतिहासिक पहल

सिक्किम में जैविक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। इसके पीछे वर्षों की योजना, प्रशिक्षण और किसानों के साथ लगातार संवाद शामिल था। राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग को समाप्त करने की रणनीति बनाई। इसके साथ ही किसानों को जैविक खाद तैयार करने, प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया।

सिक्किम के किसानों के लिये भी वापस जैविक खेती को अपनाने का सफर आसान नहीं रहा. लगातार घटती उपज और कृषि में बढ़ती लागत की समस्या को सिक्किम सरकार ने गंभीरता से लिया. शुरुआत में सिक्किम सरकार ने जैविक खेती के लिये कई गांव को गोद लिया और यहां जैविक खेती करने के लिये किसानों को आर्थिक मदद भी मुहैया करवाई गई.

इस तरह से सिक्किम राज्य ने धीरे-धीरे खेती के जैविक नुस्खों पर चलकर दुनिया के पहले जैविक राज्य का खिताब हासिल कर लिया. जानकारी के लिये बता दें कि इलायची, अदरक, संतरा, सेब, चाय और पीनशिफ आदि यहां के किसानों की पसंदीदा फसलें हैं. ये सिक्किम की जलवायु में अच्छा उत्पादन देती हैं. यहां चावल की खेती भी बडे पैमाने पर सीढ़ीदार खेतों में की जाती है. इतना ही नहीं, भारत में सिक्किम ही सबसे बड़ा इलायची का उत्पादक राज्य है. आइये नजर डालते हैं सिक्कम राज्य में जैविक खेती की नई तस्वीर पर-

इस कड़ी में सिक्किम ने यह साबित कर दिया है कि कृषि विकास केवल अधिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आर्थिक मजबूती और स्वस्थ समाज के निर्माण से भी जुड़ा हुआ है। दुनिया का पहला 100 प्रतिशत जैविक राज्य बनने की उपलब्धि केवल सिक्किम की नहीं, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का विषय है। आने वाले वर्षों में यदि अन्य राज्य भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हैं, तो देश में टिकाऊ कृषि और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

गौरतलब हैं कि साल 1960 में भारत में हरित क्रांति की शुरुआत हुई थी। इसके चलते अधिक अनाज उत्पादन के लिए फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल भी बढ़ा। जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और पानी, हवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे हालात में भारत के उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम ने जैविक खेती की तरफ कदम बढ़ाए और अब यह राज्य दुनिया का पहला जैविक राज्य है और पूरी दुनिया में इसे नजीर की तरह पेश किया जाता है।

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