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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता और कुछ मामलों में होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है। योजना की शुरुआत 25 जून 2015 को की गई थी।योजना को PMAY-ग्रामीण (PMAY-G) और PMAY-शहरी (PMAY-U) में बांटा गया है। इसके तहत लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे-बेटियां शामिल होते हैं। EWS, LIG, MIG, SC, ST, OBC वर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है।

किन किसानों को नहीं मिलता लाभ?
योजना का लाभ केवल पात्र परिवारों को ही मिलता है। यदि परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भारत में पहले से पक्का घर है तो वे पात्र नहीं होंगे। साथ ही जो परिवार केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ पहले ले चुका है, उसे भी इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। PMAY की ब्याज सब्सिडी का लाभ ले चुके व्यक्ति को दोबारा लाभ नहीं दिया जाएगा। योजना का लाभ केवल एक बार ही मिलता है।आवेदन के लिए आधार नंबर, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। सरकार ने PMAY 2.0 को भी मंजूरी दी है, जिसमें नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलता

  • यदि परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पहले से पक्का घर है
    • भारत में कहीं भी परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पक्का मकान होने पर योजना का लाभ नहीं मिलता।
    • यह नियम ग्रामीण और शहरी दोनों श्रेणियों पर लागू होता है।
  • यदि पहले किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ लिया हो

राशन कार्ड और पात्रता के नियम

ग्रामीण क्षेत्रों में पात्रता तय करने के लिए कई बार राशन कार्ड और सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC) के आंकड़ों का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर निम्न परिवारों को प्राथमिकता मिलती है:

  • आवासहीन परिवार
  • कच्चे घर में रहने वाले परिवार
  • गरीबी रेखा के नीचे (BPL) सूची में शामिल परिवार
  • भूमिहीन मजदूर परिवार
  • वंचित वर्ग के परिवार

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

PMAY के लिए आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड (यदि लागू हो)
  • भूमि या संपत्ति से संबंधित दस्तावेज
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदन ग्राम पंचायत के माध्यम से भी किया जा सकता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

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