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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। भारत में खेती को सस्ता बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी और बिजली उपलब्ध कराने वाली योजनाएं चला रही हैं। किसानों का सबसे बड़ा खर्च फसलों की सिंचाई यानी पानी और बिजली पर होता है। इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को जल्द आवेदन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को डीजल और महंगे बिजली बिलों से मुक्त करना है। योजना के तहत खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। सोलर पंप लगने के बाद सूरज की रोशनी से मुफ्त बिजली पैदा होती है, जिससे किसान मुफ्त सिंचाई कर सकते हैं। जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे सरकारी बिजली कंपनी को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी की जा सकती है।

इस कड़ी में यह जानका री दे दें कि, राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर मुफ्त या सस्ती बिजली दे रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी नलकूपों से सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली का ऐलान किया है। राजस्थान में मुख्यमंत्री नि:शुल्क कृषि बिजली योजना के तहत किसानों को हर महीने 2,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है। मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छोटे किसानों को 5 एचपी तक के कृषि पंपों के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जा रही है। तमिलनाडु में पंजीकृत किसानों को कृषि पंपसेट चलाने के लिए हर दिन मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध है।आवेदन की प्रक्रिया आसान है। किसान केंद्र सरकार के आधिकारिक माय स्कीम पोर्टल या राज्यों के कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। नजदीकी जन सेवा केंद्र या ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन भी जमा किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, खसरा-खतौनी, बैंक खाता पासबुक और मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।

क्या है पीएम कुसुम योजना?

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, यानी पीएम कुसुम योजना, केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि और ऊर्जा योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य किसानों को डीजल आधारित सिंचाई व्यवस्था और महंगे बिजली बिलों से राहत देना है। साथ ही देश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना भी इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।

योजना के तहत पात्र किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। इससे किसानों को सोलर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली अपनाने में आर्थिक सहायता मिलती है और शुरुआती लागत का बोझ काफी कम हो जाता है।

सोलर पंप से कैसे मिलेगा मुफ्त बिजली-पानी?

सोलर पंप पूरी तरह सूर्य की रोशनी से संचालित होते हैं। दिन के समय सोलर पैनल बिजली पैदा करते हैं, जिससे पंप चलाया जाता है और खेतों की सिंचाई की जाती है। इस प्रक्रिया में न तो डीजल की आवश्यकता होती है और न ही नियमित बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसान सिंचाई के लिए बिजली कटौती या डीजल की बढ़ती कीमतों पर निर्भर नहीं रहते। पर्याप्त धूप मिलने पर पंप लगातार काम कर सकता है, जिससे समय पर सिंचाई संभव होती है और फसलों की उत्पादकता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अंत मे बताते चले कि, किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने राज्य में लागू योजनाओं की नवीनतम पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक सरकारी पोर्टलों या संबंधित विभागों से प्राप्त करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें। इससे वे उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ उठाकर खेती को अधिक किफायती, आधुनिक और टिकाऊ बना सकते हैं।

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