नई दिल्ली भारत सरकार किसानों को सिंचाई की सुविधा बढ़ाने और उनकी आमदनी सुधारने के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, ताकि बिजली कटौती की समस्या से निपटा जा सके।
यहां इस कड़ी में जानकारी देते चले कि, पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती हैं। आमतौर पर सरकार लागत का 60 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में देती है, जबकि 30 प्रतिशत राशि बैंक से सस्ते ऋण के रूप में उपलब्ध होती है। इस तरह किसानों को अपनी जेब से केवल 10 प्रतिशत राशि खर्च करनी पड़ती है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में छोटे और सीमांत किसानों को विशेष अभियानों के तहत 90 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी इलाकों में केंद्र सरकार अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
यह भी बताते चले कि, सोलर पंप की कीमत उसकी क्षमता पर निर्भर करती है। 3 हॉर्सपावर के सोलर पंप की बाजार कीमत लगभग 1.5 लाख से 1.8 लाख रुपये होती है, लेकिन सब्सिडी के बाद किसान को यह करीब 40,000 से 45,000 रुपये में मिल जाता है। 5 हॉर्सपावर वाले पंप की मूल कीमत तीन लाख रुपये से अधिक होती है, जबकि सब्सिडी के बाद किसानों को 60,000 से 65,000 रुपये देने होते हैं। बड़े खेतों के लिए 7.5 से 10 हॉर्सपावर के सोलर पंप की सब्सिडी के बाद कीमत 85,000 से 1,15,000 रुपये के बीच रहती है।
आखिर मे जानकारी दे दें कि, इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सीधे केंद्र सरकार की वेबसाइट पर फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। प्रक्रिया राज्य के अनुसार होती है। किसान आधिकारिक पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in पर जाकर अपने राज्य का लिंक देख सकते हैं या नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
