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कोटा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को कोटा पहुंचे और वहां स्टूडेंट्स से संवाद किया। इस कार्यक्रम को ‘छात्रों की गूंज’ नाम दिया गया, जिसमें उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं है बल्कि युवाओं और छात्र-छात्राओं की आवाज उठाने का मंच है।

राहुल गांधी ने संबोधन में दावा किया कि पांच परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों की जेब से पांच लाख करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं, जो पांच मंत्रालयों के बजट के बराबर है। उन्होंने परीक्षाओं को लेकर बढ़ते दबाव, आर्थिक बोझ, पेपर लीक, बेरोजगारी और स्टूडेंट्स के टूटते सपनों का जिक्र किया। कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राएं दशहरा मैदान में मौजूद रहे। मंच पर राहुल गांधी ने नीट, यूपीएससी और जेईई की तैयारी कर रहे पांच स्टूडेंट्स से बातचीत की।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह ने इस कार्यक्रम को युवाओं के भविष्य बचाने की लड़ाई बताया। कांग्रेस ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कोटा के बाद लखनऊ, पटना और दिल्ली में भी आयोजित किया जाएगा।

छात्रों से सीधा संवाद

दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। राहुल गांधी ने मंच से स्पष्ट किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह युवाओं की समस्याओं, चिंताओं और आकांक्षाओं को सामने लाने का मंच है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और परिवारों की बड़ी आर्थिक पूंजी खर्च करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अनिश्चितता और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पांच छात्रों से बातचीत की। इस संवाद में छात्रों ने परीक्षा प्रणाली, तैयारी के दबाव, रोजगार के अवसरों और भविष्य को लेकर अपनी चिंताओं को साझा किया।

कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं के हितों से जुड़ा अभियान बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के कारण छात्रों में निराशा बढ़ रही है।

कांग्रेस का कहना है कि पार्टी छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। इसी उद्देश्य से कोटा के बाद इस कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ, पटना और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में भी किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि देशभर के छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए ताकि नीति निर्माण में उनकी चिंताओं को भी महत्व दिया जा सके।

बीजेपी का पलटवार

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताते हुए कहा कि कांग्रेस युवाओं के मुद्दों के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान से अधिक राजनीतिक संदेश देने पर केंद्रित था।

बीजेपी का कहना है कि केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार, डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पार्टी नेताओं ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और उसके पास शिक्षा सुधार के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह ने इस कार्यक्रम को युवाओं के भविष्य बचाने की लड़ाई बताया है।जबकि, भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए इस कार्यक्रम को ‘नीट पर नौटंकी’ और ‘कॉमेडी सर्कस’ करार दिया है। इस संवाद में हिस्सा लेने के लिए हज़ारों छात्र-छात्राओं की भीड़ दशहरा मैदान में मौजूद थीं।लेकिन इनके हाथों में ना किताबें थी और ना ही कंधों पर बस्ते थे।हालांकि राहुल गांधी ने मंच पर नीट, यूपीएससी, जेईई की तैयारी कर रहे पांच स्टूडेंट्स से बात की

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