अयोध्या। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी मामले पर सोमवार को फैसले का दिन है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक दोपहर तीन बजे राम मंदिर परिसर में आयोजित होगी। बैठक में चंदा चोरी पर मंथन के साथ ट्रस्ट की व्यवस्था में बड़े बदलाव के निर्णय हो सकते हैं।
ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास महाराज करेंगे, हालांकि तबियत ठीक न होने के कारण वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की ओर से सभी सदस्यों को आमंत्रण भेजा गया है। कुल 14 ट्रस्टियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। भारत सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे, प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, नृपेंद्र मिश्रा समेत शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुर परमानंद जी महाराज और अन्य सदस्य बैठक में शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा चंदा चोरी मामले पर चर्चा करना है। महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार करने पर फैसला लिया जा सकता है। बैठक में एसआईटी रिपोर्ट की समीक्षा, राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन ढांचे पर चर्चा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर भी विचार हो सकता है। 2025-26 वित्तीय वर्ष का बिना ऑडिट आय-व्यय विवरण और बैलेंस शीट मंजूरी के लिए पेश की जाएगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली थी। मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ट्रस्ट की बैठक हो रही है, जिसमें इन दोनों की विदाई तय मानी जा रही है। ट्रस्ट के प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए नए सिस्टम पर भी मंथन होगा।
4 ट्रस्टियों की मौजूदगी में होगी अहम चर्चा
बैठक में कुल 14 ट्रस्टियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें भारत सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुर परमानंद जी महाराज सहित अन्य प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में कई प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा चंदा और चढ़ावा से जुड़े कथित चोरी मामले की समीक्षा माना जा रहा है। हाल के दिनों में इस मामले ने व्यापक चर्चा बटोरी है और ट्रस्ट की पारदर्शिता तथा वित्तीय व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी उठे हैं। ऐसे में ट्रस्ट इस बैठक के जरिए आगे की रणनीति तय कर सकता है।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर हो सकता है फैसला
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट इन इस्तीफों को स्वीकार करने या आगे की प्रक्रिया तय करने पर निर्णय ले सकता है।
हालांकि, बैठक से पहले इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अंतिम निर्णय बैठक में हुई चर्चा और सदस्यों की सहमति के बाद ही सामने आएगा।
यदि इस्तीफों पर कोई फैसला होता है, तो यह ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा। इससे भविष्य में जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण और नई नियुक्तियों का रास्ता भी खुल सकता है।
श्रीराम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। ऐसे में ट्रस्ट की बैठक में लिए जाने वाले निर्णय केवल प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और संस्थागत पारदर्शिता के लिहाज से भी अहम माने जा रहे हैं।
बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने की संभावना है। तब यह स्पष्ट होगा कि चंदा-चढ़ावा मामले की समीक्षा, संभावित प्रशासनिक बदलाव, इस्तीफों पर निर्णय और भविष्य की प्रबंधन व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट ने कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सोमवार दोपहर होने वाली इस अहम बैठक और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।
