पटना। बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने बुधवार को शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह समारोह नीतीश कुमार के मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और मंत्रिमंडल भंग करने के बाद हुआ। सम्राट चौधरी इससे पहले उपमुख्यमंत्री थे और गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे थे।
यह बिहार में 75 साल बाद पहली बार किसी भाजपा नेता के मुख्यमंत्री बनने का मौका है। समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान, नीतीश कुमार और अन्य विधायकों की उपस्थिति रही। शपथ ग्रहण के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।सम्राट चौधरी कोइरी जाति से हैं और वे बिहार में उपमुख्यमंत्री तथा मुख्यमंत्री दोनों पद संभालने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। राज्यपाल ने एनडीए गठबंधन के समर्थन के आधार पर उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था।
राजनीतिक घटनाक्रम और नेतृत्व परिवर्तन
मंगलवार को हुए घटनाक्रम में नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों की बैठक बुलाई गई, जिसमें सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा अब बिहार में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
राज्यपाल ने एनडीए गठबंधन के समर्थन के आधार पर सम्राट चौधरी को सरकार बनाने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान पूरे समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन भी हुआ, जिसने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति
नई सरकार में संतुलन और अनुभव को ध्यान में रखते हुए जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। दोनों नेताओं ने भी समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह कदम गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि नई सरकार में सहयोगी दलों की भागीदारी बनी रहेगी।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन काफी विविध रहा है। वे वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं और तारापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्ष 2017 में भाजपा में शामिल होने से पहले वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (यूनाइटेड) में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
उन्होंने बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया है और गृह मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग का जिम्मा संभाला है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त माना।
सम्राट चौधरी कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं, जो बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सामाजिक आधार रखता है। उनके मुख्यमंत्री बनने से इस समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का एक नया आयाम मिला है।
