नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की संगठनात्मक क्षमता की प्रशंसा की है। उन्होंने अपनी पार्टी कांग्रेस को आत्मचिंतन करने और सबक सीखने की नसीहत दी।थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने बंगाल और असम में अच्छा काम किया है। उनके पास मजबूत संगठनात्मक क्षमता है और हम सभी इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की जीत का जिक्र किया, लेकिन अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जताई।
गौरतलब है कि भाजपा बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही है, जबकि असम में तीसरी बार सरकार बनाएगी। तमिलनाडु में टीवीके 108 सीटें जीतकर सरकार बनाने की दहलीज पर है और पुडुचेरी में राजग की सरकार फिर बनने वाली है।
थरूर ने कहा कि भाजपा ने जिन राज्यों में अच्छा प्रदर्शन किया है, वहां उनकी जमीनी पकड़ और संगठन की मजबूती साफ नजर आती है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और असम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन राज्यों में भाजपा ने जिस तरह अपनी स्थिति मजबूत की है, वह एक सुनियोजित रणनीति और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “भाजपा के पास एक स्पष्ट विजन, मजबूत नेतृत्व और कुशल संगठन है। हमें यह समझने की जरूरत है कि वे किस तरह से अपनी रणनीतियों को जमीन पर लागू करते हैं।” थरूर के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक एक बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं कि कांग्रेस के भीतर बदलाव की आवाजें तेज हो रही हैं।
हालांकि उन्होंने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत का जिक्र करते हुए संतोष भी जताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अन्य राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
कुल मिलाकर, शशि थरूर का बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए एक चेतावनी और अवसर दोनों है। भाजपा की बढ़ती ताकत और कांग्रेस की चुनौतियों के बीच यह साफ है कि आने वाले समय में भारतीय राजनीति में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होगी।
