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समाचार मिर्ची

अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप की भयावहता से हिल गया। रविवार की आधी रात को स्थानीय समयानुसार 11:47 बजे 6.3 तीव्रता का भूकंप आया जिसने देखते ही देखते पूरे पूर्वी इलाकों को हिला डाला। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र जलालाबाद शहर से करीब 17 मील दूर था, जबकि राजधानी काबुल से लगभग 150 किमी दूर स्थित था।

गौरतलब है कि, 2022 में पूर्वी अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें लगभग 1 हजार लोग मारे गए थे और हजारों लोग घायल हुए थे अफगानिस्तान में ताकतवर भूकंपों का इतिहास रहा है। भूकंप के लिहाज से हिंदूकुश पर्वतमाला एक्टिव माना जाती है, जहां हर साल भूकंप आते हैं। अफगानिस्तान, भारत और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच में स्थित है। ये फॉल्ट लाइन अफगानिस्तान के हेरात तक जाती है। प्लेट्स में हलचल होने पर भूकंप आता है।

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के झटके पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत तक महसूस किए गए। यहां लोग डर से घरों से बाहर निकल आए। वहीं, भारत के गुरुग्राम में भी हल्के झटके दर्ज किए गए। यह दिखाता है कि भूकंप का प्रभाव सीमा पार तक फैला हुआ था।

भूकंप के लिहाज से अफगानिस्तान बेहद संवेदनशील इलाका है। यह देश भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच स्थित है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इन प्लेट्स की हलचल से अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में लगातार झटके आते रहते हैं।

अफगानिस्तान में आए इस 6.3 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर देश को गहरे संकट में डाल दिया है। लगातार आने वाले भूकंप इस ओर इशारा करते हैं कि यहां की भौगोलिक स्थिति बेहद नाजुक है। मौतों और घायलों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, वहीं बचावकर्मी कठिन हालात में राहत कार्य चला रहे हैं।

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