छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई कृषक उन्नति योजना राज्य के धान की खेती करने वाले किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और उनकी फसल का ज्यादा से ज्यादा दाम दिलाना है। योजना के तहत किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की जा रही है।न्यूनतम समर्थन मूल्य और निर्धारित मूल्य के बीच के अंतर की राशि राज्य सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता के रूप में भेजती है। सरकार ने प्रति एकड़ धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर 21 क्विंटल कर दी है। इससे किसान ज्यादा पैदावार करके ज्यादा मात्रा में धान बेच सकते हैं। अंतर की राशि आधार से लिंक बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है और पैसा ट्रांसफर होते ही किसानों को मोबाइल पर संदेश मिल जाता है।
हम आपको बताते चले कि, योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए और समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। लाभ के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, ऋण पुस्तिका या भू-स्वामी प्रमाण पत्र और चालू मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। जिन किसानों का पंजीकरण सोसायटियों या खरीफ पंजीयन पोर्टल पर हो चुका है, उन्हें धान बेचने के बाद अंतर राशि सीधे मिल जाती है।
₹3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी
योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू धान के लिए निर्धारित ₹3100 प्रति क्विंटल का मूल्य है। किसान जब सरकारी व्यवस्था के तहत अपना धान बेचते हैं तो उन्हें समर्थन मूल्य और राज्य द्वारा निर्धारित मूल्य के बीच के अंतर का लाभ मिलता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर आर्थिक मूल्य मिल सके। खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी, मशीनरी और परिवहन जैसी लागत शामिल होती है। ऐसे में फसल का उचित मूल्य मिलना किसान की कुल आय और खेती की आर्थिक व्यवहार्यता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है योजना?
धान की खेती में किसानों को मौसम, उत्पादन लागत और बाजार भाव जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यदि फसल का बाजार मूल्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलता तो किसान की आय प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सरकारी खरीद और मूल्य अंतर की आर्थिक सहायता किसानों को कुछ हद तक बेहतर आय सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है।
कृषक उन्नति योजना के जरिए सरकार का जोर धान उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर है। निर्धारित मूल्य, प्रति एकड़ खरीदी सीमा और DBT के जरिए भुगतान जैसे प्रावधान किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस तरह कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के लिए बेहतर मूल्य, सरकारी खरीदी और सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में सामने आती है। किसानों को योजना का लाभ लेने से पहले अपने पंजीकरण, बैंक खाते, आधार और भूमि दस्तावेजों की जानकारी सही और अपडेट रखना चाहिए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।
