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चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में सोमवार रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ है। कपासन कस्बे के रीको इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित मरून इंडस्ट्रीज (Maroon Industries) नामक केमिकल फैक्ट्री में करीब 11 बजकर 15 मिनट पर जोरदार धमाका हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में लगा बॉयलर फट गया, जिससे भीषण आग लग गई और कई छोटे-बड़े धमाके हुए। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज आसपास के इलाकों में 5 किलोमीटर तक सुनाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा और लोग घरों से बाहर निकल आए।

इस कड़ी मे हम आपको बता दें कि, यह फैक्ट्री मुख्य रूप से कलर (पेंट या रंग) बनाने का काम करती है। धमाके के बाद फैक्ट्री में लगी आग तेजी से फैल गई और पास में स्थित एक स्क्रैप फैक्ट्री भी इसकी चपेट में आ गई। फायर ब्रिगेड की टीमों ने दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, धमाके की ताकत से फैक्ट्री का मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। हजारों किलो वजनी लोहे के भारी टुकड़े (कुछ रिपोर्टों में 10 टन तक का पार्ट बताया गया) 300 मीटर दूर तक उछलकर गिरे। इनमें से एक बड़ा टुकड़ा पंचायत परिसर में जा गिरा, जबकि एसडीएम ऑफिस की दीवार टूट गई और छत को भी नुकसान पहुंचा। आसपास की सरकारी इमारतें और अन्य संरचनाएं भी प्रभावित हुईं। मलबा 500 मीटर तक फैला हुआ था, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार हादसे की वजह और प्रारंभिक जांचप्रारंभिक जांच में बॉयलर फटने को मुख्य कारण माना जा रहा है। बॉयलर औद्योगिक इकाइयों में भाप उत्पन्न करने के लिए इस्तेमाल होता है और यदि इसका रखरखाव ठीक न हो या दबाव अधिक हो जाए तो विस्फोट हो सकता है। यह घटना रात के समय होने से और भी खतरनाक साबित हुई, क्योंकि अंधेरे में आग बुझाने और बचाव कार्य में कठिनाई हुई। फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मिलकर स्थिति संभाली। आग बुझाने में कई घंटे लगे और देर रात तक धुंआ उठता रहा।

वही, इस हादसे ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कपासन रीको एरिया में कई अन्य फैक्ट्रियां भी हैं, जहां कामकाज प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, फैक्ट्री बंद है और जांच जारी है। क्रिकेट की तरह यहां भी “जीत” सुरक्षा और सतर्कता की होगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

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