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नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने देश के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण पर आधारित एक नया शैक्षणिक मॉड्यूल जारी किया। इस मॉड्यूल में कांग्रेस नेतृत्व को देश के बंटवारे की सहमति देने वाला बताया गया है और कहा गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना की मांग और लॉर्ड माउंटबेटन की भूमिका के साथ कांग्रेस की सहमति ने ही विभाजन को संभव बनाया।

बता दें कि नेता ने कहा कि, आज भाजपा के पास एनसीईआरटी है और वह इसे अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रही है। मैं एनसीईआरटी को चुनौती देता हूं कि विभाजन पर खुली बहस करे। सच यह है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था। इसलिए वे अब इतिहास को बदलकर अपनी भूमिका साबित करना चाहते हैं।”

जानकारी देते चले कि, एनसीईआरटी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर एक नया मॉड्यूल जारी किया। जिसमें उसने देश के बंटवारे के पीछे जिम्मेदार लोगों के बारे में बताया है। अब इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि मैं एनसीईआरटी को विभाजन पर चर्चा के लिए चुनौती देता हूं। आज, उनके (भाजपा) पास एनसीईआरटी है। उन्हें विभाजन के बारे में कुछ भी नहीं पता।

बता दें कि, भाजपा के विचार से, लंबे समय से यह धारणा रही है कि कांग्रेस नेतृत्व ने विभाजन की परिस्थितियों को समझने में चूक की और सत्ता हस्तांतरण की जल्दी में देश के टुकड़े होने को स्वीकार कर लिया। वहीं कांग्रेस इस आरोप को पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र बताती है।

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