Skip to main content

समाचार मिर्ची

दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों की सरगर्मी इस समय चरम पर है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने चुनावी वादों और रणनीति को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने विशेष बातचीत में बताया कि यदि एमसीडी में सत्ता आम आदमी पार्टी के हाथ आती है तो सबसे पहले सात बड़े काम किए जाएंगे।

-आप किस भाजपा की बात कर रहे हैं? भाजपा के तो डीएनए में ही भ्रष्टाचार है। देश की जिस किसी भी राज्य में भाजपा की सरकार है, वहां यह भ्रष्टाचार की तमाम सीमाएं लांघ चुकी है। केवल दिल्ली नगर निगम की बात करें तो 15 वर्ष में भाजपा ने सत्ता में रहकर उनके पार्षदों ने दिल्ली को साफ-सफाई, कालोनियों में सड़क निर्माण से लेकर लेंटर पड़ने तक में मोटी मलाई काटी है। दिल्ली नगर निगम का ऐसा कोई विभाग नहीं है, जहां भ्रष्टाचार का घुन न लगा हो।

भ्रष्टाचार को दूर करने की दवा सिर्फ अरविंद केजरीवाल के पास है। इसे वही दूर सकते हैं, और कोई भी इसे खत्म नहीं कर सकता है। इसके लिए ईमानदारी वाला डीएनए होना चाहिए, तभी भ्रष्टाचार दूर होगा। अरविंद केजरीवाल ही इकलौते नेता हैं, जो देश में कहीं भी अपनी छाती तानकर खड़े होकर कहते हैं कि मैं कट्टर ईमानदार हूं।

भाजपा पर आप का सीधा हमला

राघव चड्ढा ने भाजपा को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा का “डीएनए ही भ्रष्टाचार” से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम के हर विभाग में भाजपा पार्षदों ने 15 सालों में भ्रष्टाचार की सीमाएं लांघ दी हैं।

कांग्रेस पर निशाना और भाजपा से सीधी टक्कर

राघव चड्ढा का कहना है कि कांग्रेस अब दिल्ली की राजनीति में कहीं नहीं है। पिछले 27 वर्षों से भाजपा को कांग्रेस हरा नहीं पाई और इस बार भी कांग्रेस दौड़ से बाहर दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस इस बार 5–7 सीटों से ज्यादा हासिल नहीं कर पाएगी।

बता दें कि, दिल्ली नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि सत्ता में आते ही वह जनता से किए वादों को जमीनी हकीकत में बदलने पर ध्यान देगी। सात प्राथमिकताओं की घोषणा कर पार्टी ने खुद को भाजपा से अलग खड़ा किया है। यह चुनाव न केवल दिल्ली की सफाई और विकास का मुद्दा है, बल्कि यह इस बात का भी परीक्षण है कि क्या जनता “भ्रष्टाचार और गंदगी” को चुनती है या फिर “काम और ईमानदारी” के मॉडल को अपनाती है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version