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देश औऱ दुनियाभर में एआई की चुनौतियों हर सेक्टर जूझ रहा है कहीं जॉब्स का खतरा मंडरा रहा है तो कहीं इस बात की चिंता की जा रही है कि एआई हमारी मूल भावनाओं पर आघात कर रहा है। अब फिल्म रांझणा को ही देख लो इसका एआई की मदद से क्लाइमेक्स में परिवर्तन किया तो धनुष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

मुंबई। बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता धनुष ने हाल ही में अपनी सुपरहिट फिल्म रांझणा के री-रिलीज वर्जन पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की है। साल 2013 में रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया था और इसे आज भी बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म का दर्शकों पर ऐसा गहरा असर छोड़ा था कि कई सालों तक इस फिल्म को लेकर लोग चर्चा करते थे इस फिल्म को लेकर अपने व्यूज लिखते थे। आयाराम गयाराम की कैटेगिरी में ये फिल्म नहीं थी।

हालांकि, फिल्म की री-रिलीज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किए गए क्लाइमेक्स बदलाव ने ना केवल दर्शकों को हैरान किया बल्कि फिल्म के प्रमुख अभिनेता धनुष को भी गहरा झटका दिया। दरअसल मामला ही कुछ ऐसा है।

बता दें कि, “रांझणा के क्लाइमेक्स को AI के जरिए बदलाव करके जो री-रिलीज किया गया है, उसने मुझे परेशान कर दिया है। इस बदलाव ने फिल्म की आत्मा को ही छीन लिया है। मेरे एतराज के बावजूद संबंधित पार्टियों ने फिल्म में यह बदलाव किया।”

धनुष के इस बयान से साफ है कि वह फिल्म की मूल आत्मा और निर्देशक की रचनात्मक दृष्टि से समझौता किए जाने से बेहद दुखी हैं।

दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

री-रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं बंट गईं। जहां कुछ लोगों ने नए अंत को “खुशहाल” बताते हुए सराहा, वहीं अधिकांश दर्शकों ने इसे फिल्म की आत्मा के साथ छेड़छाड़ बताया।
एक यूज़र ने लिखा: “रांझणा का क्लाइमेक्स हमेशा आंखें नम कर देता था। अब इसका असर खत्म हो गया।”
वहीं दूसरे ने कहा: “नया अंत देखकर अच्छा लगा, अब फिल्म का दर्द थोड़ा कम हो गया।”

रांझणा के क्लाइमेक्स बदलाव को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि फिल्में केवल दृश्य और कहानी नहीं होतीं, बल्कि कलाकारों की मेहनत और निर्देशक की दृष्टि का परिणाम होती हैं। धनुष और आनंद राय का विरोध यह संदेश देता है कि फिल्म की आत्मा से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

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