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हार्वर्ड हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का विवाद अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा हैं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक बड़ नाम है जहां ट्रंप प्रशासन की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) पर मुकदमा दायर किया था. यूनिवर्सिटी ने अपनी याचिका में कहा कि अगर विदेशी छात्रों की संख्या सीमित की जाती है तो विश्वविद्यालय के 25 फीसदी छात्र इससे प्रभावित होंगे. इस पर कोर्ट ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग को नोटिस देते हुए कहा कि, वह अगले 30 दिन तक किसी भी सख्त कार्रवाई से बचे. आगे क्या फैसला होता है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा ।



याद दिलाते चले कि, हार्वर्ड ने कहा था कि, अगर उसे विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति नहीं दी जाती, तो इससे यूनिवर्सिटी के करीब 25% छात्रों पर असर पड़ेगा।

क्या है मामला?

ट्रम्प प्रशासन ने हार्वर्ड पर यह आरोप लगाया कि वह कैंपस में यहूदी विरोध को बढ़ावा दे रहा है और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा है साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि यूनिवर्सिटी ने छात्रों की विचारधारा को उकसाने वाला माहौल बनाया है।

बता दें कि, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के दाखिले पर ट्रम्प प्रशासन के फैसले के खिलाफ बड़ी राहत मिली है। फेडरल कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम सुनवाई में इस फैसले पर 30 दिनों की अंतरिम रोक लगा दी है। इससे यूनिवर्सिटी को छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति मिल गई है। यह फैसला अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था और विदेश से आने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या था ट्रम्प प्रशासन का फैसला?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप लगाए थे। प्रशासन का कहना था कि यूनिवर्सिटी:

कैंपस में यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा दे रही है,

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर काम कर रही है, और छात्रों की विचारधाराओं को उकसाने वाली शैक्षणिक संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का विवाद अब धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप प्रशासन की ओर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने के आदेश को 30 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है. कोर्ट कहा कि जब तक इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तब तक ट्रंप प्रशासन हॉर्वर्ड के अंतरराष्ट्रीय छात्रों को निष्कासित नहीं कर सकता।

यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद का दौर लगातार जारी हैं क्या फैसला होता है ये तो आने समय में ही पता चलेगा।

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