न्यूजीलैंड के खिलाफ 2026 की तीन मैचों की ODI सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई। घरेलू मैदान पर खेलते हुए टीम इंडिया 1-2 से सीरीज हार गई, जो इतिहास में पहली बार हुआ जब न्यूजीलैंड ने भारत में कोई द्विपक्षीय ODI सीरीज जीती। यह हार न केवल आंकड़ों में दर्ज हुई, बल्कि टीम की कई कमजोरियों को उजागर कर गई, खासकर मिडिल ओवर्स में गेंदबाजी की विफलता और दबाव में प्रदर्शन की कमी।
सीरीज का परिणाम इस प्रकार रहा:
- पहला ODI (वडोदरा, 11 जनवरी 2026): न्यूजीलैंड ने 300/8 बनाए, भारत ने 306/6 से 4 विकेट से जीत हासिल की। विराट कोहली ने 93 रन बनाए।
- दूसरा ODI (राजकोट, 14 जनवरी 2026): भारत ने 284/7 बनाए, न्यूजीलैंड ने 286/3 से 7 विकेट से जीत दर्ज की। डैरिल मिशेल ने नाबाद 131 रन बनाए।
- तीसरा ODI (इंदौर, 18 जनवरी 2026): न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 337/8 बनाए (डैरिल मिशेल 137, ग्लेन फिलिप्स 106), भारत 296 रन पर ऑलआउट हो गई। विराट कोहली ने 124 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन यह काफी नहीं साबित हुई। न्यूजीलैंड ने 41 रन से मैच जीता और सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
बता दें कि, न्यूजीलैंड के लिए यह जीत विश्व क्रिकेट में उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है। छोटे देश होने के बावजूद वे अनुकूलन क्षमता और टीम वर्क से बड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराने में सफल रहे। यह सीरीज भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए निराशाजनक रही, लेकिन सबक देने वाली भी साबित हुई। टीम इंडिया को अब तेजी से सुधार की जरूरत है ताकि घरेलू मैदान पर ऐसी हार दोबारा न हो।
