ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर आई पहली दो वाणिज्यिक उड़ानें बीती रात दिल्ली पहुंचीं। ये नियमित फ्लाइट्स थीं, किसी विशेष निकासी अभियान का हिस्सा नहीं। हालांकि, हालात को देखते हुए भारतीय सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार है और पहले ही नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी ह
याद दिला दें कि, 5 जनवरी को ईरानी हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद रहने के कारण भारत से कई उड़ानें प्रभावित हुई थीं। अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन कई भारतीयों ने एहतियात के तौर पर वापस लौटना बेहतर समझा। दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने बताया कि भारत सरकार और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार सलाह और सहायता उपलब्ध करवाते रहे। दूतावास भारतीय तीर्थयात्रियों, छात्रों, पर्यटकों और व्यापारियों से संपर्क में था।
‘इंटरनेट बंद था, परिवार से बात तक नहीं हो पा रही थी’
ईरान से लौटी एक एमबीबीएस छात्रा ने एनडीटीवी संवाददाता से बातचीत में कहा कि उसने विरोध की खबरें तो सुनीं, लेकिन खुद किसी प्रदर्शन का सामना नहीं किया। वहीं एक अन्य भारतीय नागरिक, जो एक महीने से ईरान में थे, ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण रही।भविष्य में यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत विशेष निकासी अभियान शुरू कर सकता है, जैसा कि पहले यूक्रेन, सूडान और इजराइल-हमास संघर्ष के दौरान किया गया था। फिलहाल, लौटे भारतीयों की आपबीती से साफ है कि विदेश में संकट के समय संचार और दूतावास की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
