इस्लामाबाद। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई हैं। पाकिस्तान में इस संकट के चलते ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार शाम को देश को संबोधित करते हुए खर्चों में कटौती और ईंधन बचत के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में है, जिससे आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं और ईंधन संरक्षण जरूरी हो गया है।
सरकार ने ईंधन बचत के लिए सरकारी दफ्तरों को हफ्ते में केवल चार दिन खोलने का फैसला लिया है, जिसमें बैंकों को छूट दी गई है। आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे, जबकि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य विभागों में स्टाफ की उपस्थिति कम की जाएगी। इस हफ्ते के अंत से सभी स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे, हालांकि निर्धारित परीक्षाएं आयोजित होंगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में कक्षाएं तुरंत ऑनलाइन शुरू की जाएंगी। सरकारी विभागों के वाहनों के लिए ईंधन भत्ता दो महीने तक 50 प्रतिशत कम किया जाएगा और 60 प्रतिशत सरकारी वाहन सड़कों पर नहीं चलेंगे।
खर्च कम करने के अन्य उपायों में मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के वेतन और भत्ते अगले दो महीनों के लिए रोके जाएंगे। संसद सदस्यों (सांसदों) की सैलरी में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। मंत्रियों, सलाहकारों और सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरे तब तक प्रतिबंधित रहेंगे, जब तक वे देश के हित में अत्यावश्यक न हों। सरकारी विभागों के कुल खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती होगी, साथ ही वाहन, एयर कंडीशनर और फर्नीचर की खरीद पर रोक लगाई गई है। बैठकें ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी और रामजान के दौरान सरकारी इफ्तार पार्टियां रद्द की गई हैं।
